रामपुर आरटीओ कार्यालय में भ्रष्टाचार का आरोप, कमिश्नर ने बैठाई जांच

ड्राइविंग लाइसेंस के लिए अवैध पैसे न देने पर जिला पंचायत सदस्य मुस्तफा हुसैन को किया गया टेस्ट में फेल

रामपुर। जनपद का आरटीओ कार्यालय एक बार फिर भ्रष्टाचार के आरोपों के कारण सुर्खियों में है। जिला पंचायत सदस्य मुस्तफा हुसैन ने बड़ा आरोप लगाया है कि ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के नाम पर कर्मचारियों द्वारा अवैध रूप से 4000 से 6000 रुपए की मांग की जा रही है। पैसे न देने पर जानबूझकर उम्मीदवारों को टेस्ट में फेल किया जा रहा है।

जिला पंचायत सदस्य मुस्तफा हुसैन ने बताया कि वे 25 वर्षों से कार चलाते आ रहे हैं और एक अधिवक्ता होने के साथ-साथ जिला योजना समिति के निर्वाचित सदस्य भी हैं। इसके बावजूद उनसे अवैध धन न लेने पर उनका ड्राइविंग लाइसेंस टेस्ट फेल कर दिया गया। उन्होंने कहा, “जब मेरे साथ ऐसा हो सकता है, तो आम जनता का क्या हाल होता होगा। महिलाओं से भी बिना पैसे लिए ड्राइविंग लाइसेंस जारी नहीं किए जा रहे हैं। यह पूरी तरह जनता से लूट है।”

शिकायत मिलने के बाद मुरादाबाद मंडल के मंडल आयुक्त आंजनेय कुमार सिंह ने मामले की जांच बैठा दी है। उन्होंने आश्वासन दिया है कि पूरे मामले की गंभीरता से पड़ताल की जाएगी और दोषियों पर कार्रवाई सुनिश्चित होगी।

सितंबर में भी उठा था घोटाला
यह पहला मामला नहीं है। सितंबर माह में भी आरटीओ कार्यालय रामपुर में भ्रष्टाचार का बड़ा मामला सामने आया था। सरकारी वाहनों के लिए आरक्षित नंबर सीरीज को निजी वाहनों को जारी करने पर मुरादाबाद के आरटीओ राजेश सिंह द्वारा थाना सिविल लाइंस में गंभीर एफआईआर दर्ज कराई गई थी।
इस मामले में रामपुर के एआरटीओ राजेश श्रीवास्तव, डीबीए रामेश्वर नाथ द्विवेदी और एक अज्ञात व्यक्ति को आरोपी बनाया गया था।

जिला पंचायत सदस्य मुस्तफा हुसैन ने कहा कि उन्होंने पूरे प्रकरण से उच्च अधिकारियों को अवगत करा दिया है। साथ ही परिवहन विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार को समाप्त कराने के लिए इलाहाबाद उच्च न्यायालय में जनहित याचिका दायर कर दोषियों को दंडित करवाया जाएगा।

 

 

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