जिला हिंदी साहित्य सम्मेलन एवं जिला पेंशनर समाज के संयुक्त तत्वाधान में कवि गोष्ठी का आयोजन
डीएम मिथिलेश मिश्र ने किया उद्घाटन
लखीसराय(सरफराज आलम)स्थानीय थाना चौक स्थित पेंशनर समाज भवन में जिला हिंदी साहित्य सम्मेलन लखीसराय एवं जिला पेंशनर समाज लखीसराय के संयुक्त तत्वाधान में एक कवि गोष्ठी का आयोजन अरविंद कुमार भारती अध्यक्ष जिला हिंदी साहित्य सम्मेलन लखीसराय की अध्यक्षता में संपन्न हुआ। जिला पदाधिकारी मिथिलेश कुमार मिश्र ,अध्यक्ष अरविंद कुमार भारती ,सचिव जीवन पासवान, पेंशनर समाज के अध्यक्ष रमेश प्रसाद सिंह, सचिव गणेश शंकर सिंह, हिंदी साहित्य सम्मेलन बिहार के पुस्तकालय प्रभारी अशोक कुमार सिंह, मोहम्मद सैयद इजराफिल, सीताराम सिंह, प्रोफेसर मनोरंजन कुमार, डॉ आर लाल गुप्ता, सिद्धेश्वर प्रसाद सिंह आदि ने संयुक्त रूप से दीप प्रचलित कर कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन किया ।गणेश शंकर सिंह ने आगत अतिथियों का स्वागत किया ।कवि भोला पंडित ने नव वर्ष आ गया कविता से आगत अतिथियों का स्वागत किया। अरविंद कुमार भारती अध्यक्ष ने जिला पदाधिकारी महोदय को फाइल और गुलाब फूल देकर स्वागत किया । पेंशनर समाज के सचिव गणेश शंकर सिंह ने अंग वस्त्र प्रदान कर जिला पदाधिकारी महोदय को सम्मानित किया।जिला पदाधिकारी महोदय ने अपने संबोधन में कहा कि हर माह कवि गोष्ठी का भव्य आयोजन करें ।मगही कविता का भी आयोजन किया जाए। पेंशनर समाज अपने पेंशन की कुछ राशि प्रत्येक माह जमा करें और उस राशि से विभिन्न प्रकार के कार्य किए जाएं। असाध्य रोगों एवं अन्य बीमारियों में भी उसका उपयोग किया जा सके। इस अवसर पर मानो के पत्रकार मनोज कुमार सिंह को भी जिला पदाधिकारी के द्वारा सम्मानित किया गया ।जिला पदाधिकारी महोदय ने सभी आगत कवियों को अंग वस्त्र, गुलाब फूल ,कॉपी ,कलम फाइल आदि देखकर सम्मानित किया। मुन्द्रिका प्रसाद सिंह, अरविंद कुमार भारती, प्रोफेसर मनोरंजन कुमार, मशहूर स्कॉलर सैय्यद मोहम्मद इसराफिल शाह,
कामेश्वर यादव, जीवन पासवान, बलजीत कुमार ,डॉक्टर आर लाल गुप्ता, कामेश्वर यादव, शिवदानी सिंह बच्चन ,अंकित कुमार बत्स ,गुलशन कुमार, सुनील कुमार वार्ड कमिश्नर, अशोक कुमार, पंचायत सेवक अजय कुमार,भोला पंडित, दशरथ प्रसाद महतो आदि कवियों ने अपनी कविताओं से श्रोताओं को मंत्र मुक्त किया और अंत में धन्यवाद ज्ञापन पेंशनर समाज के अध्यक्ष रमेश प्रसाद सिंहने किया। इस अवसर पर परमानंद सिंह, इंजीनियर अजय कुमार, रामकिंकर सिंह, सहदेव प्रसाद सिंह, नरेश पंडित,रविंद्र साव आदि की महत्वपूर्ण भूमिका रही
