​Akal Takht Sahib: गुरुद्वारों में राजनीतिक नारेबाजी बर्दाश्त नहीं, आपत्तिजनक बयानों पर अकाल तख्त सचिवालय सख्त

अकाल तख्त साहिब की मर्यादा का उल्लंघन करने वाले विधायकों पर होगी सख्त कार्रवाई: जसकरण सिंह

​​Akal Takht Sahib: अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गढ़गज के मीडिया सलाहकार जसकरण सिंह ने एक महत्वपूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए स्पष्ट किया है कि अकाल तख्त साहिब के आदेशों और मर्यादाओं की अवहेलना करने वाले विधायकों या किसी भी नेता के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया जाएगा। मीडिया सलाहकार ने जानकारी दी कि पायल से विधायक मनविंदर सिंह ग्यासपुरा और अन्य संबंधित नेताओं द्वारा हाल ही में मीडिया में दिए गए बयानों और अपनाई गई शब्दावली पर अकाल तख्त सचिवालय ने कड़ी आपत्ति जताई है।

Akal Takht Sahib: बयानों और शब्दावली की कड़ी निंदा

​जसकरण सिंह ने बताया कि जब विधायक ग्यासपुरा और अन्य नेता दरबार साहिब पहुंचे थे, तब उन्हें अकाल तख्त सचिवालय द्वारा इसलिए रोका गया था क्योंकि उन्होंने सिख शख्सियतों और तख्त साहिब के संदर्भ में बेहद आपत्तिजनक और अनुचित शब्दावली का इस्तेमाल किया था।

यह भी पढ़ें- Kuldeep Singh Dhaliwal: विधायक कुलदीप सिंह धालीवाल ने दिल्ली पुलिस की कार्रवाई की कड़े शब्दों में की निंदा

जत्थेदार के कार्यालय ने इस प्रकार की भाषा और बयानों को पूरी तरह से खारिज करते हुए इसका कड़ा खंडन किया है। मीडिया सलाहकार ने स्पष्ट किया कि जब इन विधायकों से मीडिया के सामने अपनी बात स्पष्ट करने को कहा गया था, तब उन्होंने कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया। यदि आने वाले दिनों में ये विधायक सार्वजनिक रूप से अपनी स्थिति स्पष्ट नहीं करते हैं, तो अकाल तख्त साहिब की ओर से इनके विरुद्ध नियमानुसार अगली सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

Akal Takht Sahib: सर्वधर्म समभाव मर्यादा

​प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मीडिया सलाहकार ने जोर देकर कहा कि सच्चखंड श्री हरमंदिर साहिब दुनिया का एक ऐसा केंद्रीय धार्मिक स्थान है, जहां चारों वर्णों और हर धर्म, देश तथा समाज के लोग पूरी श्रद्धा के साथ खुले तौर पर आकर माथा टेक सकते हैं। अकाल तख्त साहिब सचिवालय का कार्यालय भी इसी महान सिद्धांत पर कार्य करता है। यहां किसी भी व्यक्ति को उसके व्यक्तिगत या राजनीतिक बैकग्राउंड के आधार पर नहीं रोका जाता। हालांकि, जो लोग सिख पंथ, सिख शख्सियतों और सर्वोच्च संस्थाओं के खिलाफ गलत बयानी करते हैं, उन्हें धार्मिक मर्यादा के तहत रोका जाता है।

Akal Takht Sahib: गुरुद्वारा परिसरों की मर्यादा पर कड़ा संदेश

​दिल्ली में चल रहे विभिन्न प्रदर्शनों और गुरुद्वारा बंगला साहिब के संदर्भ में बात करते हुए जसकरण सिंह ने कहा कि गुरुद्वारों के भीतर राजनीतिक एक्टिविज़्म और नारेबाजी की एक तय मर्यादा होती है। गुरुघर के दरवाजे लंगर, प्रसाद और शरण लेने वालों के लिए हमेशा खुले हैं, और वहां आने वाले किसी भी श्रद्धालु को रोका नहीं जाता। लेकिन यदि कोई गुरुद्वारा साहिब की आड़ में राजनीतिक लाभ लेने या गुरुमंत के सिद्धांतों के विपरीत जाकर नारेबाजी और राजनीतिक गतिविधियां करने का प्रयास करता है, तो इसे गुरुघर की मर्यादा का खुला उल्लंघन माना जाएगा।

​उन्होंने विशेष रूप से उल्लेख किया कि 29 जून को जो विधायक और नेता दरबार साहिब आए थे, उन्होंने वहां पहुंचकर सिख चरित्र और शख्सियतों के विरुद्ध बयानबाजी की थी। जत्थेदार साहिब के आदेशानुसार यह स्पष्ट कर दिया गया है कि गुरुघरों के भीतर किसी भी प्रकार की गैर-सिद्धांतिक और राजनीतिक गतिविधियों को स्वीकार नहीं किया जाएगा। अंत में, मीडिया सलाहकार ने दोहराया कि सिख पंथ की मर्यादा को सर्वोपरि रखते हुए जत्थेदार साहिब के हर आदेश का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाएगा।

About The Author

Leave A Reply

Your email address will not be published.