Rampur Forest Department: वन विभाग पर लकड़ी बेचने के गंभीर आरोप, ग्रामीणों ने ट्रैक्टर-ट्रॉली रोकी; जांच की मांग

Rampur Forest Department News: रामपुर में वन विभाग के कर्मचारियों पर लकड़ी बेचने के आरोप लगे हैं। ग्रामीणों ने लकड़ी से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली रोककर मामले की निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की है।

Rampur Forest Department News Illegal Timber Sale Allegations: उत्तर प्रदेश के रामपुर जिले में वन विभाग के कर्मचारियों पर पेड़ों की लकड़ी ठेकेदार को बेचने के गंभीर आरोप लगे हैं। मामला मिलक खानम थाना क्षेत्र की पीपली वन रेंज की सलारपुर वन चौकी से जुड़ा बताया जा रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि किसानों के खेतों में गिरे शीशम और अर्जुन के पेड़ों की लकड़ी कटवाकर ट्रैक्टर-ट्रॉली से स्वार की ओर ले जाया जा रहा था।

इसकी जानकारी मिलने पर ग्रामीणों ने डिलारी के पास लकड़ी से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली रोक ली और कर्मचारियों से सवाल-जवाब किए। इस दौरान ग्रामीणों और वन विभाग की टीम के बीच तीखी बहस हुई। ग्रामीणों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

Rampur Forest Department: खेतों में गिरे पेड़ों की लकड़ी ले जाने पर उठे सवाल

ग्रामीणों के मुताबिक, ग्राम बुरहानपुर में गुरुनानक पेट्रोल पंप के सामने एक किसान के खेत में करीब एक महीने पहले शीशम का पेड़ गिर गया था। इसके अलावा हाल ही में आई आंधी के दौरान भी शीशम और अर्जुन के पेड़ गिरने की बात सामने आई थी। आरोप है कि इन पेड़ों की लकड़ी कटवाकर हाइड्रा मशीन की मदद से ट्रैक्टर-ट्रॉली में लदवाई गई।

ग्रामीणों का दावा है कि वनरक्षक बलविंदर सिंह अपनी टीम के साथ लकड़ी लेकर सलारपुर वन चौकी से पदमपुर-गोविंदपुर मार्ग होते हुए स्वार की ओर जा रहे थे। इसी दौरान क्षेत्र के लोगों को लकड़ी ले जाए जाने की जानकारी मिली। ग्रामीणों ने डिलारी के पास ट्रैक्टर-ट्रॉली को रोककर लकड़ी ले जाने का कारण पूछा।

Rampur Forest Department: वन विभाग की टीम से हुई तीखी बहस

ग्रामीणों का आरोप है कि मौके पर मौजूद वन विभाग के कर्मचारी लकड़ी को ले जाने के संबंध में स्पष्ट जवाब नहीं दे सके। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच काफी देर तक बहसबाजी हुई। ग्रामीणों ने कर्मचारियों पर अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने का आरोप भी लगाया है।

मामले को लेकर ग्रामीणों ने वन रेंजर विजय कुमार से फोन पर संपर्क किया। ग्रामीणों के अनुसार, रेंजर ने बताया कि लकड़ी काटकर सलारपुर वन रेंज कार्यालय लाई जा रही है। हालांकि, ग्रामीणों ने सवाल उठाया कि यदि लकड़ी कार्यालय ले जाई जा रही थी, तो ट्रैक्टर-ट्रॉली स्वार की दिशा में क्यों जा रही थी।

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Rampur Forest Department: ट्रॉली से उतारी गई लकड़ी, मौके पर पहुंची पुलिस

ग्रामीणों का कहना है कि ट्रैक्टर-ट्रॉली रोके जाने के कुछ देर बाद लकड़ी उतार दी गई और वाहन वहां से चला गया। ग्रामीणों के मुताबिक, मौके पर वन विभाग की टीम के साथ लकड़ी खरीदने के लिए पहुंचा बताया जा रहा एक ठेकेदार भी मौजूद था। हालांकि, लकड़ी की खरीद-बिक्री और ठेकेदार की भूमिका को लेकर अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

ग्रामीणों ने मामले की सूचना पुलिस को दी, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची। ग्रामीणों का दावा है कि लकड़ी अभी भी डिलारी में मस्जिद के सामने स्थित एक खाली मैदान में पड़ी है। इस पूरे घटनाक्रम को लेकर अब लकड़ी के परिवहन और उसे वहां उतारे जाने के कारणों पर सवाल उठ रहे हैं।

Rampur Forest Department: सीसीटीवी फुटेज जुटाने का दावा, डीएफओ से शिकायत

ग्रामीणों ने मामले की जानकारी रामपुर के प्रभागीय वनाधिकारी (डीएफओ) को देने की बात कही है। उनका दावा है कि ट्रैक्टर-ट्रॉली के साथ वनरक्षक के जाने का घटनाक्रम आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हुआ है और फुटेज जुटाई जा रही है।

ग्रामीणों ने मांग की है कि लकड़ी कहां से काटी गई, उसे किस अनुमति के तहत ले जाया जा रहा था और रास्ते में उतारने की वजह क्या थी, इसकी निष्पक्ष जांच कराई जाए। साथ ही, यदि जांच में किसी कर्मचारी की अनियमितता सामने आती है, तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

Rampur Forest Department: जांच के बाद ही साफ होगी तस्वीर

इस मामले में सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि लकड़ी को वन रेंज कार्यालय ले जाया जा रहा था, तो उसे रास्ते में उतारकर क्यों छोड़ दिया गया। क्या लकड़ी के परिवहन के लिए जरूरी अनुमति और दस्तावेज मौजूद थे? क्या लकड़ी को बेचने की तैयारी थी या इसके पीछे कोई अन्य कारण था?

फिलहाल, ग्रामीणों के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और वन विभाग का आधिकारिक पक्ष सामने आना बाकी है। ऐसे में लकड़ी की कटाई, परिवहन और कथित खरीद-बिक्री से जुड़े तथ्यों की जांच के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

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