Deepinder Goyal: बिजनेस में आइडिया से ज्यादा जरूरी है टीम, जानिए Zomato के फाउंडर की ये खास बात

Deepinder Goyal: स्टार्टअप की दुनिया में एक अच्छा आइडिया शुरुआत जरूर कर सकता है, लेकिन उसे लंबे समय तक सफल बनाने के लिए सिर्फ आइडिया काफी नहीं होता। इसके लिए मजबूत टीम, सही सोच और लगातार काम करने की क्षमता जरूरी होती है। इसी सोच को Eternal के वाइस चेयरमैन और Zomato के फाउंडर दीपिंदर गोयल ने भी अपने एक इंटरव्यू में साझा किया था।

दीपिंदर गोयल का मानना है कि किसी बिजनेस या स्टार्टअप का मूल्यांकन करते समय केवल उसके आइडिया पर ध्यान नहीं देना चाहिए। इसके बजाय उस टीम को देखना ज्यादा जरूरी है, जो उस आइडिया को जमीन पर उतारने और बदलती परिस्थितियों के हिसाब से आगे ले जाने का काम करती है। उनका चर्चित विचार है कि किसी आइडिया के बजाय टीम पर भरोसा करना चाहिए।

आइडिया बदल सकता है, टीम बनी रहती है

दीपिंदर गोयल के मुताबिक बिजनेस की दुनिया में कोई भी आइडिया हमेशा एक जैसा नहीं रहता। बाजार की जरूरत, ग्राहकों की पसंद और परिस्थितियों के अनुसार कंपनियों को अपने मॉडल और रणनीति में बदलाव करना पड़ सकता है।

ऐसे में किसी स्टार्टअप की असली ताकत उस टीम में होती है, जो बदलाव के साथ खुद को ढाल सके। अगर टीम मजबूत और लगातार सीखने वाली है, तो शुरुआती आइडिया में बदलाव के बावजूद कंपनी के आगे बढ़ने की संभावना बनी रहती है।

यही वजह है कि गोयल के विचार में बिजनेस शुरू करने या किसी स्टार्टअप में निवेश करने के दौरान सिर्फ यह देखना पर्याप्त नहीं है कि आइडिया कितना शानदार है। यह भी देखना जरूरी है कि उस आइडिया पर काम करने वाले लोग कितने सक्षम और प्रतिबद्ध हैं।

लगातार काम करने की क्षमता है अहम

दीपिंदर गोयल की इस सोच का एक अहम हिस्सा execution यानी किसी विचार को वास्तविकता में बदलने की क्षमता है। किसी भी बिजनेस में बड़ी-बड़ी योजनाएं बनाना आसान हो सकता है, लेकिन उन्हें लगातार लागू करना ज्यादा चुनौतीपूर्ण होता है।

एक मजबूत टीम रोजमर्रा के काम में अनुशासन बनाए रख सकती है, समस्याओं का समाधान खोज सकती है और जरूरत पड़ने पर अपनी रणनीति बदल सकती है। यही लगातार काम करने की क्षमता किसी स्टार्टअप को लंबे समय तक टिकाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

एक रिपोर्ट के अनुसार, गोयल ने जनवरी 2026 में Raj Shamani के Figuring Out पॉडकास्ट में बिजनेस, हायरिंग, एग्जीक्यूशन और कंपनी को स्केल करने से जुड़े अपने विचार साझा किए थे।

सही टीम क्यों बनाती है बड़ा फर्क?

स्टार्टअप में शुरुआत के समय संसाधन सीमित हो सकते हैं। ऐसे में टीम के सदस्यों की क्षमता और उनकी सोच कंपनी की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाती है।

अगर टीम में अलग-अलग परिस्थितियों को समझने, गलतियों से सीखने और नई चुनौतियों का सामना करने की क्षमता है, तो कंपनी किसी एक आइडिया तक सीमित नहीं रहती। वह जरूरत के मुताबिक अपने प्रोडक्ट, बिजनेस मॉडल या रणनीति में बदलाव कर सकती है।

यही कारण है कि कई सफल कंपनियां समय के साथ अपने शुरुआती मॉडल से काफी अलग दिशा में आगे बढ़ती हैं। उनके पास मौजूद टीम और नेतृत्व उन्हें नए अवसर तलाशने में मदद करते हैं।

दीपिंदर गोयल खुद भी बदलाव का उदाहरण

दीपिंदर गोयल का अपना करियर भी बदलाव और नए प्रयोगों से जुड़ा रहा है। वह Zomato के संस्थापक हैं और कंपनी की पैरेंट फर्म Eternal Ltd के साथ लंबे समय तक नेतृत्व की भूमिका में रहे। फरवरी 2026 में उन्होंने Eternal के ग्रुप CEO की भूमिका से हटकर वाइस चेयरमैन की जिम्मेदारी संभाली।

इसके बाद उनका ध्यान फूड बिजनेस से बाहर हाई-रिस्क और एक्सपेरिमेंटल टेक्नोलॉजी वेंचर्स पर भी रहा है। एक रिपोर्ट के मुताबिक उनके मौजूदा फोकस में Temple और LAT Aerospace जैसे वेंचर्स शामिल हैं।

यह बदलाव भी बताता है कि किसी उद्यमी का सफर एक ही बिजनेस आइडिया तक सीमित नहीं होता। समय और अनुभव के साथ नए क्षेत्रों में प्रयोग करना भी बिजनेस यात्रा का हिस्सा हो सकता है।

युवा उद्यमियों के लिए क्या है सीख?

दीपिंदर गोयल की इस सोच से युवा उद्यमियों के लिए एक अहम सीख निकलती है। सिर्फ शानदार बिजनेस आइडिया होना सफलता की गारंटी नहीं है। आइडिया को लागू करने के लिए सही लोग, स्पष्ट सोच और लगातार मेहनत जरूरी है।

अगर टीम किसी समस्या को समझकर उसके समाधान पर काम कर सकती है, ग्राहकों की जरूरत के अनुसार बदलाव कर सकती है और मुश्किल दौर में भी आगे बढ़ सकती है, तो शुरुआती आइडिया में बदलाव के बावजूद बिजनेस के पास आगे बढ़ने का मौका रहता है।

इसलिए स्टार्टअप की सफलता को केवल उसके आइडिया से जोड़ना सही नहीं होगा। आइडिया शुरुआत हो सकता है, लेकिन उसे सफल बिजनेस में बदलने का काम टीम करती है।

‘टीम पर दांव’ लगाने का मतलब

दीपिंदर गोयल का संदेश मूल रूप से यही है कि किसी बिजनेस को समझते समय उसके पीछे काम कर रहे लोगों को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। एक अच्छा आइडिया कई लोगों के पास हो सकता है, लेकिन उसे सफलतापूर्वक लागू करने की क्षमता हर टीम में समान नहीं होती।

बाजार में बदलाव आते रहते हैं और बिजनेस को भी उनके साथ बदलना पड़ता है। ऐसे में मजबूत टीम वह आधार बन सकती है, जो कंपनी को नई दिशा देने में मदद करे।

यही वजह है कि दीपिंदर गोयल की यह बात स्टार्टअप और बिजनेस की दुनिया में खास मायने रखती है—सिर्फ आइडिया पर नहीं, उस आइडिया को अंजाम देने वाली टीम की क्षमता पर भी भरोसा होना चाहिए।

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