नई दिल्ली: भारत और पाकिस्तान के बीच महिला टी20 एशिया कप 2026 के मुकाबले में भारतीय सलामी बल्लेबाज शेफाली वर्मा को आउट करने के बाद विवादित तरीके से जश्न मनाना पाकिस्तान की कप्तान फातिमा सना को भारी पड़ गया। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) ने फातिमा सना पर कार्रवाई करते हुए उनकी मैच फीस का 10 प्रतिशत जुर्माना लगाया है और उनके अनुशासनात्मक रिकॉर्ड में एक डिमेरिट पॉइंट भी जोड़ दिया है।
आखिर क्या हुआ था?
भारत की पारी के दूसरे ओवर में पाकिस्तान की कप्तान और तेज गेंदबाज फातिमा सना ने शेफाली वर्मा को आउट किया था। शेफाली ने गेंद को वापस गेंदबाज की ओर खेला, जहां फातिमा सना ने कैच लपक लिया। विकेट लेने के बाद फातिमा ने पवेलियन की दिशा में इशारा करते हुए शेफाली को आक्रामक अंदाज में ‘सेंड-ऑफ’ दिया। इसी व्यवहार को मैच अधिकारियों ने ICC के आचार संहिता का उल्लंघन माना।
ICC ने किस नियम के तहत की कार्रवाई?
फातिमा सना को ICC Code of Conduct के Article 2.5 का दोषी पाया गया। यह नियम ऐसे शब्दों, हरकतों या इशारों से संबंधित है जो किसी बल्लेबाज को अपमानित करें या आउट होने के बाद उसकी ओर से आक्रामक प्रतिक्रिया भड़काने की संभावना पैदा करें।
फातिमा सना ने स्वीकार की गलती
रिपोर्ट के अनुसार, फातिमा सना ने अपने उल्लंघन को स्वीकार कर लिया और मैच रेफरी सुप्रिया रानी दास द्वारा प्रस्तावित सजा मान ली। इसके कारण मामले में औपचारिक सुनवाई की जरूरत नहीं पड़ी।
24 महीने में दूसरा अपराध
यह फातिमा सना का पिछले 24 महीनों के भीतर दूसरा ऐसा उल्लंघन है। इसके साथ ही उनके खाते में कुल दो डिमेरिट पॉइंट हो गए हैं। उन्हें इससे पहले अगस्त 2025 में आयरलैंड के खिलाफ टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले के दौरान भी एक डिमेरिट पॉइंट मिला था।
मैच में पाकिस्तान की करारी हार
हालांकि फातिमा सना ने गेंदबाजी में अच्छा प्रदर्शन करते हुए भारत के तीनों विकेट लिए, लेकिन पाकिस्तान की टीम मुकाबले में बड़ा स्कोर खड़ा नहीं कर सकी। पाकिस्तान की पूरी टीम 55 रन पर ऑलआउट हो गई थी। जवाब में भारतीय टीम ने लक्ष्य हासिल कर पाकिस्तान को सात विकेट से हरा दिया। भारत की ओर से स्पिन गेंदबाजों ने शानदार प्रदर्शन किया, जिसमें एन. श्री चरणी ने 3/7, प्रेमा रावत ने 3/9 और दीप्ति शर्मा ने 2/5 विकेट लिए।
इस मुकाबले में फातिमा सना के सेंड-ऑफ की घटना मैच के सबसे चर्चित विवादों में शामिल रही और अब ICC की कार्रवाई के बाद यह मामला आधिकारिक रूप से अनुशासनात्मक रिकॉर्ड का हिस्सा बन गया है।
