शिक्षक समाज और राष्ट्र निर्माण के महत्वपूर्ण स्तंभ: मुख्यमंत्री
नवाचार और समर्पण से शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाने वाले जनपद में 42 शिक्षक सम्मानित
Badaun: 05 September. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राजनीति हर क्षेत्र में हो सकती है, लेकिन शिक्षा के क्षेत्र को इससे दूर रखना जरूरी है। विद्यालय बच्चों के भविष्य निर्माण के केंद्र हैं, जहां शिक्षकों का ध्यान शिक्षा, संस्कार और विद्यार्थियों की प्रतिभा निखारने पर होना चाहिए।
शिक्षक दिवस पर शनिवार को योगीराज बाबा गम्भीरनाथ प्रेक्षागृह गोरखपुर में आयोजित राज्य शिक्षक पुरस्कार समारोह में मुख्यमंत्री ने उत्कृष्ट शिक्षकों को सम्मानित किया, जिसका सजीव प्रसारण जनपद बदायूँ में कलेक्ट्रेट स्थित सभागार में सदर विधायक महेश चन्द्र गुप्ता, बिल्सी विधायक हरीश शाक्य एवं मुख्य विकास अधिकारी गामिनी सिंगला सहित अन्य अधिकारियों एवं मध्यमिक व बेसिक शिक्षा के शिक्षक-शिक्षिकाओं ने देखा। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्जवलित कर किया गया।

सजीव प्रसारण में मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षक केवल पाठ्यक्रम पूरा कराने वाले नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को सही दिशा देने वाले मार्गदर्शक हैं। उनके आचरण और कार्यशैली का बच्चों पर सीधा प्रभाव पड़ता है। उन्होंने कहा कि सीमित संसाधनों में भी कई शिक्षक नवाचार और समर्पण से विद्यालयों की तस्वीर बदल रहे हैं। ऐसे प्रयासों को अन्य विद्यालयों तक पहुंचाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल अच्छे अंक प्राप्त करना नहीं, बल्कि बच्चों में संस्कार, अनुशासन, संवेदनशीलता और जिम्मेदारी की भावना विकसित करना भी है। उन्होंने शिक्षकों से बदलती तकनीक के अनुरूप स्वयं को अपडेट करने तथा तकनीक का प्रभावी उपयोग कर शिक्षण को सरल और रोचक बनाने का आह्वान किया।
समारोह में मुख्यमंत्री ने प्रदेश के 81 शिक्षकों को सम्मानित किया। इनमें बेसिक शिक्षा के 61 और माध्यमिक शिक्षा के 20 शिक्षक शामिल रहे। वहीं जनपद बदायूँ में सदर विधायक, सीडीओ, एमएलसी प्रतिनिधि शारदेंदु पाठक ने बेसिक शिक्षा के 32 और माध्यमिक शिक्षा 10 शिक्षक सहित कुल 42 शिक्षकों को फूलमाला पहनाकर, शॉल ओढ़ाकर व प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।
सीडीओ ने कहा कि कि शिक्षक समाज और राष्ट्र के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने सम्मानित शिक्षकों को बधाई देते हुए कहा कि उनके नवाचार, समर्पण और अनुभव से अन्य शिक्षक भी प्रेरणा लेकर शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार कर सकते हैं। नवाचार के अन्तर्गत उमंग एक पहचान कार्यक्रम जनपद के परिषदीय प्राथमिक व उच्च प्राथमिक एवं संविलियन विद्यालयों में बच्चों की प्रतिभा को निखारने और जीवन कौशल के लिए विभिन्न शैक्षिक प्रतियोगिताएं कराये जाने का निर्णय लिया गया है। जिसमें विभिन्न कक्षा स्तरों पर शैक्षिक प्रतियोगिताएं करायी जायेंगी। इन प्रतियोगिताओं में विद्यालय स्तर से जनपद स्तर तक छात्र-छात्रा प्रतिभाग करेंगे। यह प्रतियोगिताएं निर्धारित समयावधि में आगामी 7 से 11 सितम्बर तक विद्यालय स्तर पर, 14 से 16 सितम्बर तक ब्लॉक स्तर पर एवं 18 सितम्बर को जनपद स्तर पर प्रतियोगिताएं करायी जायेंगी। कार्यक्रम में बीएसए नवीन कुमार सहित अन्य अधिकारी व शिक्षक मौजद रहे।
