गोवंश संरक्षण में लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी: रमाकांत उपाध्याय

  • बदायूं संजना भारती ब्यूरो प्रमुख इंतजार हुसैन

Budaun उत्तर प्रदेश गोसेवा आयोग के सदस्य रमाकांत उपाध्याय ने बुधवार को कलेक्ट्रेट स्थित सभागार में बैठक में मुख्य विकास अधिकारी गामिनी सिंगला की मौजूदगी में उपस्थित सम्बंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि गोवंश संरक्षण से संबंधित सभी कार्यों को सर्वाेच्च प्राथमिकता के आधार पर संपादित किया जाए।

उन्होंने कहा कि गोशालाओं में संरक्षित गोवंश के लिए पर्याप्त एवं गुणवत्तापूर्ण भोजन, स्वच्छ पेयजल, नियमित चिकित्सा तथा सुरक्षित एवं स्वच्छ वातावरण की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। इन व्यवस्थाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही अथवा शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी। गोआश्रय स्थलों में गोवंश की देखभाल एवं स्वास्थ्य संबंधी व्यवस्थाओं की नियमित निगरानी भी सुनिश्चित की जाए।

उन्होंने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप निराश्रित गोवंश के संरक्षण एवं उनके समुचित रखरखाव के लिए सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ अपनी जिम्मेदारियों का पूर्ण निष्ठा, संवेदनशीलता एवं तत्परता से निर्वहन करें। उन्होंने गोशालाओं में चारा-पानी, स्वच्छता एवं चिकित्सा व्यवस्था को निरंतर बेहतर बनाए रखने पर विशेष जोर दिया।

उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि गोवंश संरक्षण के कार्यों में समाजसेवियों, व्यापारियों, स्वयंसेवी संस्थाओं तथा अन्य दानदाताओं का सहयोग प्राप्त किया जाए, ताकि जनसहभागिता के माध्यम से गोशालाओं की व्यवस्थाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाया जा सके। उन्होंने कहा कि गोवंश संरक्षण केवल सरकारी विभागों की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक वर्ग की सामूहिक जिम्मेदारी है।

इससे पूर्व उन्होंने पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस में पत्रकारवार्ता की, जिसमें पत्रकारों ने बताया कि नगर की मुख्यता सभी सड़कों पर गौवंश बैठे रहते हैं, इसके अलावा कई बार बाजार में सांड आदि लड़ जाते हैं, जिस पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है जिससे दुर्घटनाएं होने का खतरा बना रहता है। इसके अलावा पत्रकारों ने गौवंशों से सम्बंधित कई प्रकरण उनके समक्ष रखे, जिस पर उन्होंने मुख्य पशु चिकित्साधिकारी प्रेम कोहली को निर्देश दिए कि प्राथमिकता पर इन शिकायतों व समस्याओं का निस्तारण किया जाए।

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