त्योहारों के मद्देनजर स्वास्थ्य विभाग सख्त, रेहड़ी मार्केट में विशेष सैंपलिंग अभियान

फूड सेफ्टी रजिस्ट्रेशन के बिना कारोबार करने वालों को नोटिस, नियमों का पालन करने की हिदायत, मोमोज, पकौड़े, वेज चाप समेत कई खाद्य पदार्थों के लिए गए सैंपल

अमृतसर: त्योहारों के मद्देनजर स्वास्थ्य विभाग की ओर से खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और साफ-सफाई को लेकर सख्ती बरती जा रही है। इसी के तहत बुधवार को रेहड़ी मार्केट में फूड सेफ्टी विभाग की ओर से विशेष सैंपलिंग अभियान चलाया गया। डीएच एवं डेजिग्नेटेड ऑफिसर फूड सेफ्टी डॉ. मनजीत सिंह रटोल के नेतृत्व में विभागीय टीम ने विभिन्न रेहड़ियों पर पहुंचकर खाद्य पदार्थों की जांच की और कई वस्तुओं के सैंपल लिए।

जांच के दौरान मोमोज, पकौड़े, वेज चाप समेत अन्य खाद्य पदार्थों के सैंपल लिए गए। विभाग की टीम ने यह भी जांच की कि मार्केट में खाना तैयार करने और बेचने वाले लोग साफ-सफाई से जुड़े नियमों का पालन कर रहे हैं या नहीं। डॉ. मनजीत सिंह रटोल ने कहा कि शहरवासियों की सेहत के साथ किसी को भी खिलवाड़ नहीं करने दिया जाएगा।

उन्होंने बताया कि शहर की दुकानों और रेहड़ी मार्केट में साफ-सफाई के प्रबंधों तथा फूड सेफ्टी नियमों का पालन नहीं किए जाने संबंधी काफी समय से शिकायतें और चर्चाएं सामने आ रही थीं। इसी के मद्देनजर विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की। उन्होंने कहा कि विभागीय टीमों की ओर से विभिन्न इलाकों में दूध, दही, पनीर और अन्य खाद्य पदार्थों के भी सैंपल लिए जा रहे हैं।

डॉ. रटोल ने कहा कि लिए गए सभी सैंपल जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे जाएंगे। लैबोरेटरी रिपोर्ट आने के बाद यदि किसी खाद्य पदार्थ में निर्धारित मानकों का उल्लंघन पाया गया तो संबंधित व्यक्ति या कारोबारी के खिलाफ नियमों के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि कोई दुकानदार या रेहड़ी संचालक गंदा, बासी या घटिया गुणवत्ता वाला सामान बेचता पाया गया तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

जांच के दौरान फूड सेफ्टी रजिस्ट्रेशन और लाइसेंस की भी जांच की गई। डॉ. रटोल ने कहा कि खाना तैयार कर बेचने वाले प्रत्येक व्यक्ति के लिए फूड सेफ्टी रजिस्ट्रेशन या लाइसेंस करवाना जरूरी है। जिन रेहड़ी संचालकों का कारोबार बिना रजिस्ट्रेशन के चलता पाया गया, उन्हें नोटिस जारी कर नियमों का पालन करने की हिदायत दी गई। उन्होंने बताया कि फूड सेफ्टी रजिस्ट्रेशन के लिए ऑनलाइन भी आवेदन किया जा सकता है और यह प्रक्रिया बहुत महंगी नहीं है।

साफ-सफाई को लेकर डॉ. रटोल ने कहा कि खाना तैयार करने वाले व्यक्तियों को सिर पर कैप पहननी चाहिए, ताकि बाल खाने में न गिरें। इसके अलावा खाना तैयार करते समय दस्तानों और अन्य जरूरी सफाई उपकरणों का इस्तेमाल किया जाना चाहिए। उन्होंने खाद्य पदार्थों में जरूरत से ज्यादा फूड कलर के इस्तेमाल पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि खाने को अधिक आकर्षक बनाने के लिए निर्धारित मात्रा से अधिक रंग का इस्तेमाल स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकता है।

उन्होंने लोगों से खास तौर पर काले और बार-बार इस्तेमाल किए जा रहे तेल से बचने की अपील की। उन्होंने कहा कि यदि किसी रेहड़ी पर बहुत ज्यादा गंदा या काला तेल इस्तेमाल किया जा रहा है तो लोगों को भी इस ओर ध्यान देना चाहिए। इसके साथ ही पैक्ड खाद्य पदार्थ खरीदते समय मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपायरी डेट जरूर जांचने की अपील की।

डॉ. मनजीत सिंह रटोल ने कहा कि त्योहारों के मद्देनजर विभाग की ओर से इस तरह की जांच और सैंपलिंग मुहिम आगे भी जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि मिलावट और गैर-मानक खाद्य पदार्थों पर रोक लगाने के लिए विभाग के साथ आम लोगों का सहयोग और जागरूकता भी बेहद जरूरी है।

उन्होंने शहरवासियों से अपील की कि वे साफ-सुथरे और गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ ही खरीदें तथा नियमों का उल्लंघन दिखाई देने पर संबंधित विभाग को इसकी जानकारी दें।

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