बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड: उच्च शिक्षा के लिए पहले की ही तरह मिलेंगे 4 लाख रुपये, CM सम्राट ने किया साफ
पटना:बिहार के विद्यार्थियों के लिए स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना को लेकर बड़ी राहत की खबर है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने साफ कर दिया है कि उच्च शिक्षा के लिए बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के तहत पहले की ही तरह 4 लाख रुपये तक का लोन मिलता रहेगा। उन्होंने विद्यार्थियों और अभिभावकों से कहा है कि योजना को लेकर किसी तरह का संशय नहीं रहना चाहिए।
सम्राट चौधरी ने एक्स पर दी जानकारी
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोमवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना को लेकर स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों और अभिभावकों के मन में योजना को लेकर किसी भी प्रकार का संशय नहीं होना चाहिए।
मुख्यमंत्री के अनुसार, उच्च शिक्षा के लिए 4 लाख रुपये तक का स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड मिल रहा है और यह सुविधा आगे भी पूर्ववत जारी रहेगी। उन्होंने यह भी कहा कि बिहार सरकार युवाओं की शिक्षा और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
4 लाख रुपये की सुविधा आगे भी जारी रहेगी
स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के तहत विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाती है। मुख्यमंत्री के स्पष्टीकरण के बाद यह साफ हो गया है कि इस योजना के तहत मिलने वाली अधिकतम 4 लाख रुपये तक की सहायता में बदलाव नहीं किया गया है।
इसका मतलब है कि उच्च शिक्षा के लिए आर्थिक संसाधनों की कमी विद्यार्थियों की पढ़ाई में बाधा न बने, इसके लिए योजना के तहत पहले की तरह सहायता उपलब्ध रहेगी।
19 अगस्त के आदेश के बाद पैदा हुआ था संशय
दरअसल, उच्च शिक्षा विभाग की ओर से 19 अगस्त को एक आदेश जारी किया गया था। इस आदेश में स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड के माध्यम से विद्यार्थियों को 2 लाख रुपये तक की मदद मिलने की बात सामने आई थी।
इसके बाद उन विद्यार्थियों और अभिभावकों की चिंता बढ़ गई थी, जिन्हें महंगे उच्च शिक्षा पाठ्यक्रमों के लिए अधिक आर्थिक सहायता की आवश्यकता होती है। इसी बीच मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि 4 लाख रुपये तक की सुविधा पहले की तरह जारी रहेगी।
शिक्षा के रास्ते में आर्थिक संसाधन बाधा नहीं बनेंगे
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अपने संदेश में यह भी कहा कि बिहार सरकार युवाओं की शिक्षा और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। सरकार का उद्देश्य है कि आर्थिक संसाधनों की कमी के कारण किसी विद्यार्थी की उच्च शिक्षा प्रभावित न हो।
इस स्पष्टीकरण से उन विद्यार्थियों को राहत मिली है, जो स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के तहत मिलने वाली आर्थिक सहायता को लेकर असमंजस में थे।
नीतीश कुमार के मुख्यमंत्री रहते शुरू हुई थी योजना
बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना की शुरुआत पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के मुख्यमंत्री रहते सात निश्चय योजना के तहत 2 अक्टूबर 2016 को हुई थी। इसका उद्देश्य 12वीं पास विद्यार्थियों को आगे की पढ़ाई यानी उच्च शिक्षा के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना था।
योजना के तहत विद्यार्थियों को 4 लाख रुपये तक की सहायता उपलब्ध कराने का प्रावधान रहा है, ताकि आर्थिक परेशानी के कारण विद्यार्थी उच्च शिक्षा से वंचित न रहें।
बिहार में उच्च शिक्षा की नामांकन दर
खबर के अनुसार, बिहार में उच्च शिक्षा में सकल नामांकन अनुपात यानी Gross Enrollment Ratio (GER) 17.1 प्रतिशत है। वहीं देश का औसत GER 28.4 प्रतिशत है।
राज्य सरकार उच्च शिक्षा में नामांकन दर को बढ़ाकर 30 प्रतिशत तक पहुंचाने का लक्ष्य रखती है। स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड जैसी योजनाओं को इसी दिशा में विद्यार्थियों को आर्थिक सहयोग देने वाली महत्वपूर्ण पहल के तौर पर देखा जाता है।
क्या है पूरा मामला?
पूरे मामले में मुख्य बात यह है कि 19 अगस्त को उच्च शिक्षा विभाग के आदेश में 2 लाख रुपये तक की सहायता का उल्लेख सामने आने के बाद स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना को लेकर विद्यार्थियों और अभिभावकों के बीच भ्रम की स्थिति बनी थी। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 24 अगस्त को सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए स्पष्ट किया कि उच्च शिक्षा के लिए 4 लाख रुपये तक का स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड पहले की तरह मिलता रहेगा।
