विषम परिस्थितियों में कार्यरत राजकीय शिक्षकों के स्थानान्तरण की उठी माँग
4 प्रतिशत विभागीय कोटे के अंतर्गत प्रवक्ता एवं सहायक अध्यापकों के स्थानान्तरण की प्रक्रिया शुरू करने की मांग
- रिपोर्ट: सौरभ श्रीवास्तव
लखनऊ। राजकीय शिक्षक संघ उत्तर प्रदेश के प्रान्तीय महामंत्री एवं उत्तर प्रदेश राज्य कर्मचारी महासंघ के प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. अशोक कुमार अवाक ने शिक्षा राज्यमंत्री गुलाब देवी से शासन द्वारा जारी स्थानांतरण नीति सत्र 2026-27 के कॉलम 04(vi) में प्रशासनिक आधार/जनहित के अंतर्गत राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत प्रवक्ता एवं सहायक अध्यापकों (पुरुष/महिला) के 4 प्रतिशत तक स्थानान्तरण के प्रावधान को लागू करने की माँग की है। उन्होंने 09 अगस्त 2026 को संगठन की ओर से आयोजित प्रादेशिक वर्चुअल बैठक में सर्वसम्मति से पारित प्रस्ताव का हवाला देते हुए कहा कि प्रदेश के अनेक शिक्षक अत्यन्त विषम परिस्थितियों में कार्य कर रहे हैं। कई शिक्षक पति-पत्नी अलग-अलग जनपदों में कार्यरत हैं, जबकि अनेक के वृद्ध माता-पिता अथवा सास-ससुर अस्वस्थ हैं। कुछ शिक्षक स्वयं गंभीर बीमारियों से पीड़ित हैं और कई शिक्षिकाएँ छोटे बच्चों एवं परिवार से दूर रहकर सेवाएँ दे रही हैं।प्रदेश महामंत्री ने कहा कि इन परिस्थितियों को देखते हुए प्रशासनिक आधार और जनहित के अंतर्गत स्थानान्तरण की कार्यवाही करना आवश्यक एवं न्यायोचित है। प्रदेशभर से पीड़ित शिक्षकों द्वारा संगठन पर लगातार दबाव बनाया जा रहा है। संगठन ने माँग की है कि 4 प्रतिशत विभागीय कोटे के अंतर्गत प्रवक्ता एवं सहायक अध्यापकों के स्थानान्तरण की प्रक्रिया शुरू की जाए। साथ ही, जिन शिक्षकों ने अपनी विषम पारिवारिक परिस्थितियों, चिकित्सा अथवा अन्य परिस्थितियों के आधार पर स्थानान्तरण के आवेदन प्रस्तुत किए हैं, उनके प्रकरणों पर भी विचार करते हुए स्थानान्तरण सूची जारी की जाए।
