Welcome for Jugraj Singh: एशियन गेम्स में गोल्ड जीतकर लौटी भारतीय हॉकी टीम, जुगराज सिंह का स्वागत करने अमृतसर पहुंचे चाचा सुखदेव सिंह
हॉकी चैंपियनों के स्वागत में प्रशासन की गैरमौजूदगी पर झलका दर्द, कहा- 'खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाने आना चाहिए था'
Welcome for Jugraj Singh: हांगझू एशियाई खेलों में भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने अपने दमदार और आक्रामक खेल के दम पर स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया है। जापान को 5-1 से हराकर गोल्ड मेडल जीतने के बाद भारतीय टीम जब अमृतसर के श्री गुरु रामदास जी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुंची, तो वहां स्वागत के लिए खिलाड़ियों के परिवारजन और खेल प्रेमी उमड़ पड़े। भारतीय टीम के प्रमुख खिलाड़ी और पेनल्टी कॉर्नर विशेषज्ञ जुगराज सिंह का गर्मजोशी से स्वागत करने के लिए उनके चाचा सुखदेव सिंह विशेष रूप से हवाई अड्डे पहुंचे थे।
भतीजे के प्रदर्शन और जीत से परिवार व गांव में जश्न
एयरपोर्ट पर बातचीत करते हुए जुगराज सिंह के चाचा सुखदेव सिंह ने कहा कि परिवार और पूरे गांव में इस समय बेहद खुशी और जश्न का माहौल बना हुआ है। उन्होंने कहा, “जुगराज मेरे भतीजे हैं और उन्होंने शानदार खेल दिखाते हुए गोल भी किए और पूरे देश का नाम ऊंचा किया है। पूरे हिंदुस्तान और हमारे गांव का सिर फख्र से ऊंचा हुआ है। यह सब गुरु रामदास जी की असीम कृपा से ही संभव हुआ है।” उन्होंने बताया कि गांव से लगातार बधाइयां मिल रही हैं और हर कोई इस स्वर्णिम सफलता से झूम उठा है।
मैच के दौरान धड़कनें तेज थीं, फाइनल जीत ने दिलाया सुकून
मैच के पलों को याद करते हुए सुखदेव सिंह ने बताया कि जब फाइनल मैच चल रहा था, तब दिल की धड़कनें कभी घट रही थीं तो कभी बढ़ रही थीं कि आगे क्या होने वाला है। लेकिन भारतीय टीम ने 5-1 के बड़े अंतर से मुकाबला जीतकर पूरे देश को गर्व करने का मौका दिया। उन्होंने कहा कि खिलाड़ी देश के लिए इतनी मेहनत कर रहे हैं और तिरंगे की शान को दुनिया में बढ़ा रहे हैं, जिसे देखकर हर भारतवासी का सीना चौड़ा हो जाता है।
प्रशासन की गैरमौजूदगी पर झलकी टीस
एयरपोर्ट पर भव्य स्वागत के बीच प्रशासनिक अधिकारियों और सरकार के प्रतिनिधियों की अनुपस्थिति पर बात करते हुए सुखदेव सिंह का दर्द भी सामने आया। उन्होंने कहा कि सरकार और प्रशासन बड़े-बड़े दावे और भाषण जरूर करते हैं, लेकिन ज़मीनी स्तर पर खिलाड़ियों के स्वागत और उनकी हौसला-अफजाई के लिए कोई अधिकारी नहीं पहुंचा। उन्होंने कहा, “हमें किसी से कोई बड़ा रोष या गिला नहीं है, लेकिन जो बच्चे देश के लिए गोल्ड मेडल जीतकर आ रहे हैं, उनका हौसला बढ़ाने के लिए प्रशासन को यहां जरूर मौजूद होना चाहिए था। टीवी पर बड़ी बातें कही जाती हैं, पर जब मौका आता है तो कोई नहीं पहुंचता।”
परिवारजनों ने उम्मीद जताई कि जुगराज सिंह और पूरी भारतीय हॉकी टीम आने वाले अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों और ओलंपिक में भी इसी तरह का उत्कृष्ट प्रदर्शन जारी रखेगी और देश का मान बढ़ाएगी।
