अमृतसर DC ऑफिस के बाहर किसानों और कर्मचारी संगठनों का प्रदर्शन, केंद्र और पंजाब सरकार के खिलाफ उठी आवाज़ें

अमेरिका के साथ प्रस्तावित ट्रेड एग्रीमेंट के विरोध में किसानों का संघर्ष तेज, 10 अगस्त को देशभर में प्रदर्शन का ऐलान

-आंगनवाड़ी वर्करों ने पंजाब सरकार पर वादे पूरे न करने के लगाए आरोप, ऑनलाइन काम और फीड का मुद्दा उठाया

-किसान, मजदूर, आशा और आंगनवाड़ी वर्करों ने साझा संघर्ष का किया ऐलान, सरकारों की नीतियों के खिलाफ लामबंदी

अमृतसर में सोमवार को डीसी कार्यालय के बाहर किसानों समेत विभिन्न कर्मचारी और मजदूर संगठनों की ओर से अपनी मांगों और केंद्र व पंजाब सरकार की नीतियों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया गया। इस दौरान किसानों, आंगनवाड़ी वर्करों, आशा वर्करों, मिड-डे मील वर्करों, भट्ठा मजदूरों और अन्य संगठनों के प्रतिनिधियों ने अपनी समस्याएं उठाईं।

इस मौके पर किसान नेता परमिंदर सिंह ने कहा कि संयुक्त किसान मोर्चा की 28 जुलाई को हुई बैठक में 10 अगस्त को ‘भारत छोड़ो आंदोलन’ की तर्ज पर देशव्यापी संघर्ष शुरू करने का आह्वान किया गया था। उन्होंने कहा कि किसान संगठन अमेरिका के साथ प्रस्तावित ट्रेड एग्रीमेंट और अमेरिकी दबाव वाली नीतियों का विरोध कर रहे हैं।

किसान नेता ने आरोप लगाया कि अमेरिका की ओर से भारत की व्यापारिक और विदेश नीतियों को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि किसानों की ओर से पहले भी ट्रैक्टर और मोटरसाइकिल मार्च, गांव स्तर पर बैठकें और धरने लगाकर अपना विरोध दर्ज कराया गया है।

परमिंदर सिंह ने कहा कि दिल्ली किसान आंदोलन की तरह इस संघर्ष को भी बड़े स्तर तक ले जाने की जरूरत है। उन्होंने किसानों, मजदूरों, आंगनवाड़ी और आशा वर्करों, युवाओं और विद्यार्थियों से इस साझा संघर्ष में शामिल होने की अपील की।

वहीं, आंगनवाड़ी वर्कर यूनियन की जिला प्रधान गुरविंदर कौर ने पंजाब सरकार पर वर्करों से किए वादे पूरे न करने के आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि सरकार बनने से पहले आंगनवाड़ी वर्करों और हेल्परों के मानदेय में बढ़ोतरी का वादा किया गया था, लेकिन उनके मुताबिक लंबे समय के बाद भी अपेक्षा के अनुसार बढ़ोतरी नहीं की गई।

गुरविंदर कौर ने ऑनलाइन काम का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि वर्करों से कई तरह का काम ऑनलाइन करवाया जा रहा है, लेकिन इसके लिए जरूरी सुविधाएं, मोबाइल फोन और इंटरनेट की व्यवस्था नहीं की गई।

उन्होंने फीड से जुड़े मुद्दे पर भी सरकार की नीति पर सवाल उठाए। उनका कहना था कि पहले मिलने वाली खाद्य सामग्री में बदलाव और बाद में फीड को लेकर जारी निर्देशों के कारण वर्करों और लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

आंगनवाड़ी वर्कर नेता ने आरोप लगाया कि उनसे अतिरिक्त काम भी लिया जाता है, लेकिन उसके लिए अलग से मेहनताना नहीं दिया जाता। उन्होंने कहा कि आशा वर्करों, मिड-डे मील वर्करों और अन्य कर्मचारियों की भी कई समस्याएं हैं।

इस दौरान डिस्ट्रिक्ट रेवेन्यू ऑफिसर नवकीरत सिंह रंधावा की ओर से प्रदर्शनकारियों से मांग पत्र प्राप्त किया गया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार से संबंधित मांगों को संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाया जाएगा।

प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि अगर उनकी मांगों का समाधान नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में संघर्ष को और तेज किया जाएगा।

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