नई दिल्ली: अमेरिका और ईरान के बीच स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर तनाव बना हुआ है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका फिलहाल ईरान के खिलाफ नए सैन्य अभियान के बजाय आर्थिक दबाव पर ध्यान दे रहा है। ट्रंप ने इसे “low-key” रणनीति बताया और कहा कि अमेरिका ईरान की आर्थिक स्थिति पर नजर रख रहा है।
ट्रंप ने क्या कहा?
डोनाल्ड ट्रंप ने Axios को दिए एक फोन इंटरव्यू में कहा कि अमेरिका फिलहाल ईरान के मामले में अपना रुख शांत रख रहा है। उनके मुताबिक, अमेरिका ईरान के साथ केवल सीमित स्तर पर बातचीत कर रहा है और उसकी आर्थिक स्थिति पर नजर रख रहा है।
ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया है जब कुछ समय पहले तक अमेरिका की ओर से ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई फिर शुरू किए जाने की संभावना जताई जा रही थी। अब अमेरिकी प्रशासन आर्थिक और कूटनीतिक दबाव को प्राथमिकता देता दिखाई दे रहा है।
होर्मुज खोलने के लिए ईरान की शर्तें
ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को पूरी तरह दोबारा खोलने के लिए अमेरिका से कई मांगें रखी हैं। ईरानी अधिकारियों के अनुसार, इनमें अमेरिकी सैन्य नाकाबंदी खत्म करना, प्रतिबंध हटाना, क्षेत्र में सैन्य दबाव समाप्त करना और जमे हुए ईरानी फंड को जारी करना शामिल है।
ईरान के सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल से जुड़े अधिकारी मोहम्मद बाघेर ज़ोलघद्र ने भी अमेरिका से इन शर्तों को पूरा करने की मांग की है।
ओमान के साथ समझौते पर भी नजर
होर्मुज को लेकर ईरान और ओमान के बीच नए शिपिंग इंतजाम को लेकर बातचीत आगे बढ़ रही है। रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों देशों के बीच समझौता अंतिम चरण में पहुंच रहा है, लेकिन ईरान का कहना है कि अमेरिका की ओर से अपनी शर्तों पर रियायत दिए बिना जलमार्ग को पूरी तरह सामान्य करना मुश्किल होगा।
दुनिया के लिए क्यों अहम है स्ट्रेट ऑफ होर्मुज?
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा मार्गों में से एक है। यहां लंबे समय तक व्यवधान रहने से तेल की सप्लाई, अंतरराष्ट्रीय शिपिंग और ऊर्जा कीमतों पर असर पड़ सकता है। इसी वजह से होर्मुज को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव का असर वैश्विक बाजारों पर भी दिखाई दे रहा है।
फिलहाल बातचीत और दबाव का दौर
मौजूदा स्थिति में अमेरिका और ईरान के बीच सीधी बातचीत नहीं हो रही है, लेकिन मध्यस्थों के जरिए संपर्क बना हुआ है। एक तरफ ईरान होर्मुज खोलने के बदले अपनी मांगों पर अमेरिकी रियायत चाहता है, वहीं डोनाल्ड ट्रंप फिलहाल आर्थिक दबाव बनाए रखने के संकेत दे रहे हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में कूटनीतिक बातचीत इस पूरे मामले की दिशा तय कर सकती है।
