जिला गन्ना अधिकारी ने गन्ना प्रजाति पहचान एवं वैज्ञानिक गन्ना खेती प्रशिक्षण कार्यक्रम का किया शुभारम्भ
रामपुर, गन्ना उत्पादन को अधिक वैज्ञानिक एवं तकनीकी रूप से सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से कार्यालय गन्ना विकास परिषद, रामपुर में मंगलवार को गन्ना पर्यवेक्षकों हेतु गन्ना प्रजाति पहचान एवं वैज्ञानिक गन्ना खेती प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारम्भ जिला गन्ना अधिकारी वेद प्रकाश सिंह ने किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला गन्ना अधिकारी ने कहा कि गन्ना प्रजातियों की सही पहचान एवं आधुनिक कृषि तकनीकों की जानकारी किसानों तक प्रभावी ढंग से पहुँचाना गन्ना विभाग की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक खेती अपनाकर गन्ने की उत्पादकता एवं गुणवत्ता दोनों में उल्लेखनीय वृद्धि की जा सकती है। उन्होंने सभी गन्ना पर्यवेक्षकों से प्रशिक्षण के दौरान प्राप्त ज्ञान का उपयोग किसानों को तकनीकी मार्गदर्शन देने तथा नवीन तकनीकों के व्यापक प्रचार-प्रसार में करने का आह्वान किया।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में कृषि विज्ञान केन्द्र, धमोरा के वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक नरेन्द्र सिंह ने वैज्ञानिक गन्ना खेती पर विस्तार से जानकारी देते हुए उन्नत गन्ना प्रजातियों के चयन, संतुलित उर्वरक प्रबंधन, मृदा परीक्षण, सिंचाई प्रबंधन, कीट एवं रोग नियंत्रण, खरपतवार प्रबंधन तथा अधिक उत्पादन प्राप्त करने की आधुनिक तकनीकों पर व्याख्यान दिया।
इसके उपरांत विशेषज्ञ संजीव पाण्डेय ने गन्ने की प्रमुख प्रजातियों को-0118, को.एस.-8272 एवं को.एस.-13235 की पहचान का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया। उन्होंने प्रजातियों की विशिष्ट विशेषताओं, उनकी उत्पादक क्षमता तथा पहचान के महत्वपूर्ण बिंदुओं से प्रतिभागियों को अवगत कराया तथा उनकी जिज्ञासाओं का समाधान किया।
जिला गन्ना अधिकारी ने कहा कि प्रशिक्षित गन्ना पर्यवेक्षक किसानों तक वैज्ञानिक खेती की जानकारी पहुँचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे, जिससे जनपद में गन्ना उत्पादन एवं उत्पादकता में वृद्धि के साथ किसानों की आय बढ़ाने में भी सहायता मिलेगी।
कार्यक्रम में जनपद के समस्त ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक, सहकारी गन्ना विकास समितियों के सचिव, गन्ना पर्यवेक्षक तथा विभागीय अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
