पंचायती राज मंत्रालय की बड़ी पहल: ‘मेरी पंचायत’ ऐप के माध्यम से शुरू हुई ‘दानवीर’ योजना, ग्राम पंचायतों को डिजिटल बनाने में नागरिक बनेंगे भागीदार
पंचायती राज मंत्रालय के सचिव विवेक भारद्वाज ने नई दिल्ली में 'दानवीर (DAANVEER)' पहल का किया शुभारंभ।देश के कोने-कोने और विदेशों में रह रहे नागरिक अपने मूल गांवों को सीधे कंप्यूटर पैकेजेस कर सकेंगे दान।
- रिपोर्ट- प्रमोद यादव
नई दिल्ली। भारत की ग्राम पंचायतों को डिजिटल रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में पंचायती राज मंत्रालय ने एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। नई दिल्ली में आयोजित एक विशेष समारोह के दौरान पंचायती राज मंत्रालय के सचिव श्री विवेक भारद्वाज ने देशभर की ग्राम पंचायतों के लिए ‘दानवीर (DAANVEER)’ नामक एक अनूठी पहल का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मंत्रालय की संयुक्त सचिव श्रीमती मुक्ता शेखर, श्रीमती पलका साहनी, निदेशक श्री विपुल उज्ज्वल सहित आंध्र प्रदेश और महाराष्ट्र के राज्य पंचायती राज विभागों के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।
‘मेरी पंचायत’ ऐप से सीधे जुड़ेंगे दानकर्ता
इस योजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसे ‘मेरी पंचायत’ मोबाइल ऐप के माध्यम से संचालित किया जा रहा है। “अपने गाँव को लौटायें” की प्रेरक टैगलाइन के साथ शुरू हुई इस पहल के जरिए देश और विदेशों में बसे नागरिक स्वेच्छा से अपने मूल गांवों की पंचायतों को कंप्यूटर और अन्य डिजिटल उपकरण दान कर सकते हैं। इस ऐप को ‘डिजीहाट मार्केटप्लेस’ से जोड़ा गया है, जिससे दानकर्ता अपनी पसंद और बजट के अनुसार राज्यवार पूर्वनिर्धारित कंप्यूटर पैकेजों का चयन कर सकते हैं।
पहल की शुरुआत करते हुए सचिव विवेक भारद्वाज ने कहा कि यह कदम प्रत्येक ग्राम पंचायत को डिजिटल रूप से सुसज्जित और परस्पर जोड़ने में मील का पत्थर साबित होगा। इस व्यवस्था को पूरी तरह पारदर्शी और सुरक्षित बनाया गया है। कंप्यूटर की खरीद से लेकर उसके पंचायत में स्थापित होने तक की पूरी प्रक्रिया को दानकर्ता डिजिटल रूप से ट्रैक कर सकेंगे। इसके साथ ही, उनके इस सराहनीय योगदान के सम्मान स्वरूप उन्हें डिजिटल प्रशंसा प्रमाण-पत्र (Digital Appreciation Certificate) भी प्रदान किया जाएगा।
इस डिजिटल मंच का विकास राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (NIC) और डिजीहाट के सहयोग से किया गया है। यह व्यवस्था ई-ग्रामस्वराज, ऑडिटऑनलाइन और ग्राम मानचित्र जैसे मौजूदा सरकारी डिजिटल टूल्स को और अधिक प्रभावी बनाएगी, जिससे ग्रामीण स्तर पर लोकतंत्र और स्थानीय स्व-शासन को और अधिक मजबूती मिलेगी।
