रोजगार, कौशल और तकनीक का त्रिवेणी मॉडल: हरियाणा में युवाओं के लिए नायब सरकार की नई कार्ययोजना

विकसित भारत के संकल्प को हरियाणा में नई गति, 5.40 लाख सीईटी पास युवाओं के लिए रोजगार और मानदेय की ऐतिहासिक पहल

Haryana, July 30 (एम पी भार्गव विशेष संवाददाता): मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में हरियाणा सरकार ने ‘विकसित भारत विजन-2047’ को धरातल पर उतारते हुए युवाओं के रोजगार, कौशल विकास और तकनीकी प्रशिक्षण को नई दिशा देने का व्यापक रोडमैप तैयार किया है। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में आयोजित रोजगार, स्किल डेवलपमेंट एवं औद्योगिक प्रशिक्षण विभाग की समीक्षा बैठक में ऐसे कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए, जो प्रदेश के लाखों युवाओं के भविष्य को नई मजबूती प्रदान करेंगे।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सीईटी (CET) पास युवाओं को 100 घंटे का कार्य उपलब्ध कराया जाए। यदि किसी युवा को दो वर्षों तक नियमित रोजगार नहीं मिलता है तो उसे सक्षम युवा योजना के अंतर्गत मानदेय प्रदान किया जाएगा। प्रदेशव्यापी सर्वेक्षण में 5,40,428 सीईटी पास युवाओं की पहचान की गई है और सरकार ने निर्णय लिया है कि 1 नवम्बर से इन सभी पात्र युवाओं को योजना का लाभ सुनिश्चित किया जाएगा।

बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री विकसित भारत योजना के अंतर्गत हरियाणा ने देश के टॉप-10 राज्यों में स्थान बनाया है। यह उपलब्धि प्रदेश की रोजगारोन्मुखी नीतियों, कौशल विकास कार्यक्रमों और उद्योग आधारित प्रशिक्षण व्यवस्था का परिणाम है। सरकार का लक्ष्य केवल रोजगार उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि युवाओं को उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप दक्ष बनाकर आत्मनिर्भर और प्रतिस्पर्धी बनाना है।

भविष्य की तकनीकी आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए सरकार ने पंचकूला और गुरुग्राम में अत्याधुनिक AI हब विकसित करने का निर्णय लिया है, जहां दो लाख युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके साथ ही फतेहाबाद में श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय का क्षेत्रीय केंद्र स्थापित किया जाएगा, जो कौशल विकास का उत्कृष्ट केंद्र बनेगा और उद्योगों की मांग के अनुरूप प्रशिक्षित मानव संसाधन तैयार करेगा।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि युवाओं की तकनीकी दक्षता का वैज्ञानिक सर्वे कराया जाए, आईटीआई संस्थानों में आधुनिक एवं रोजगारपरक पाठ्यक्रम शुरू किए जाएं तथा उद्योगों की जरूरतों के अनुसार प्रशिक्षण व्यवस्था विकसित की जाए। उन्होंने आईटीआई एवं स्किल डेवलपमेंट का समग्र डिजिटल पोर्टल तैयार करने के भी निर्देश दिए, ताकि प्रशिक्षित युवाओं और उद्योगों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित हो सके।

सरकार ने कौशल विकास को वैश्विक स्तर तक ले जाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। विश्व स्तरीय स्किल प्रतियोगिताओं में चयनित युवाओं को प्रोत्साहन, रोजगार सहायता और आधुनिक प्रशिक्षण सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ-साथ प्रदेश में नए स्किल सेंटर स्थापित किए जाएंगे।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि रोजगार, कौशल विकास, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित प्रशिक्षण और सामाजिक सुरक्षा को एक साथ जोड़ने वाली यह कार्ययोजना ‘विकसित भारत-विकसित हरियाणा’ के संकल्प को मजबूत आधार देने के साथ-साथ प्रदेश के युवाओं को रोजगार, आत्मनिर्भरता और तकनीकी उत्कृष्टता की नई राह पर आगे बढ़ाने वाला महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है।

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