लोकसभा में पेश हुआ एंटी पेपर लीक संशोधन विधेयक 2026, पेपर लीक पर 10 साल तक की जेल और ₹10 करोड़ जुर्माने का प्रस्ताव
पेपर लीक माफिया पर केंद्र का बड़ा प्रहार, 10 साल तक जेल का प्रस्ताव
- रिपोर्ट: प्राची सिंह
नई दिल्ली। प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई को लेकर संसद में जारी हंगामे के बीच केंद्र सरकार ने लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) संशोधन विधेयक, 2026 लोकसभा में पेश कर दिया। प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने यह विधेयक सदन में प्रस्तुत किया। इस दौरान विपक्षी दल दिल्ली में छात्र प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई पर जवाबदेही तय करने और गृह मंत्री अमित शाह के बयान की मांग को लेकर नारेबाजी करते रहे।
हंगामे के बीच सदन में पेश हुआ विधेयक
लोकसभा की कार्यवाही एक बार स्थगित होने के बाद दोपहर 12 बजे दोबारा शुरू हुई, लेकिन विपक्ष का विरोध जारी रहा। शोर-शराबे के बीच आवश्यक दस्तावेज सदन के पटल पर रखे गए और इसी दौरान एंटी पेपर लीक संशोधन विधेयक, 2026 पेश किया गया।
ओम बिरला ने चर्चा की अपील की
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने तृणमूल कांग्रेस के सांसद सौगत रॉय, कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी समेत अन्य सदस्यों से विधेयक पर चर्चा करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि यह एक महत्वपूर्ण कानून है, जिस पर लंबे समय से चर्चा की मांग की जा रही थी।
ओम बिरला ने कहा कि इस विधेयक के माध्यम से पेपर लीक जैसी गंभीर समस्या पर प्रभावी नियंत्रण के उपायों पर सदन में व्यापक चर्चा होनी चाहिए। हालांकि विपक्ष के हंगामे के कारण कोई चर्चा नहीं हो सकी और सदन की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।
विधेयक में क्या हैं प्रमुख प्रावधान?
संशोधन विधेयक के अनुसार परीक्षा में प्रश्नपत्र लीक करने या अनुचित साधनों का उपयोग करने वालों के खिलाफ पहले से कहीं अधिक कड़ी सजा का प्रावधान किया गया है।
प्रमुख प्रस्ताव इस प्रकार हैं:
- पेपर लीक या अनुचित साधनों के इस्तेमाल पर 5 से 10 वर्ष तक की जेल।
- दोषियों पर ₹50 लाख तक का जुर्माना।
- संगठित पेपर लीक गिरोह, संस्थान या माफिया के मामलों में 10 वर्ष तक की सजा और ₹10 करोड़ तक जुर्माना।
- सभी जांच एजेंसियों को 60 दिनों के भीतर जांच पूरी करनी होगी।
- चार्जशीट दाखिल होने के बाद 90 दिनों के भीतर ट्रायल पूरा करने का लक्ष्य।
- राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में फास्ट ट्रैक कोर्ट स्थापित करने का प्रस्ताव।
- पेपर लीक और परीक्षा माफिया के खिलाफ कार्रवाई के लिए स्पेशल टास्क फोर्स (STF) गठित करने का प्रावधान।
पेपर लीक पर सख्ती की दिशा में बड़ा कदम
सरकार का कहना है कि इस संशोधन का उद्देश्य प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करना, पेपर लीक माफिया पर प्रभावी अंकुश लगाना और लाखों अभ्यर्थियों के हितों की रक्षा करना है। यदि यह विधेयक संसद से पारित हो जाता है, तो पेपर लीक से जुड़े अपराधों पर पहले की तुलना में कहीं अधिक कठोर कानूनी कार्रवाई संभव होगी।
