लोकसभा में गूंजा मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय का मुद्दा, सांसद मोहिबुल्लाह नदवी ने दिया कार्य स्थगन प्रस्ताव
- रिपोर्ट: शाहबाज़ खां
रामपुर। समाजवादी पार्टी के रामपुर से सांसद मोहिबुल्लाह नदवी ने संसद के मानसून सत्र के दौरान लोकसभा में नियम 56 के तहत कार्य स्थगन प्रस्ताव का नोटिस देकर मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय की 40 में से 38 इमारतों को ध्वस्त करने के आदेश का मुद्दा उठाया। उन्होंने इस कार्रवाई पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए इसे राजनीतिक प्रतिशोध से प्रेरित बताया।
सांसद मोहिबुल्लाह नदवी ने अपने प्रस्ताव में कहा कि प्रशासन का यह दावा है कि भवनों के निर्माण के लिए आवश्यक स्वीकृतियां नहीं थीं, लेकिन यह मामला केवल भवनों का नहीं बल्कि विश्वविद्यालय में अध्ययनरत हजारों छात्र-छात्राओं की शिक्षा, परीक्षाओं, डिग्रियों और उनके भविष्य से जुड़ा है। उन्होंने कहा कि यदि बड़ी संख्या में शैक्षणिक भवन ध्वस्त किए जाते हैं तो विश्वविद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित होगी और सैकड़ों शिक्षकों व कर्मचारियों की आजीविका भी संकट में पड़ जाएगी।

उन्होंने केंद्र सरकार से सवाल किया कि क्या सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि इस कार्रवाई से किसी भी छात्र की पढ़ाई, परीक्षा और डिग्री पर प्रतिकूल प्रभाव न पड़े। साथ ही उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कराने तथा देशभर के शैक्षणिक संस्थानों के लिए समान, पारदर्शी और गैर-भेदभावपूर्ण नीति बनाने की मांग की, ताकि शिक्षा संस्थानों का राजनीतिकरण रोका जा सके।
इस दौरान संसद परिसर में समाजवादी पार्टी के सांसदों और अन्य विपक्षी नेताओं ने NEET परीक्षा में कथित धांधली और पेपर लीक के मुद्दे पर भी प्रदर्शन किया। सांसदों ने “NEET है या CHEAT है?” और “पेपर लीक बंद करो” जैसे नारे लगाते हुए सरकार से जवाबदेही तय करने और युवाओं के भविष्य की सुरक्षा की मांग की।
सांसद मोहिबुल्लाह नदवी ने कहा कि वे रामपुर की जनता, जौहर विश्वविद्यालय के छात्रों और देश के युवाओं के अधिकारों की लड़ाई सड़क से लेकर संसद तक मजबूती से उठाते रहेंगे।
यह जानकारी सांसद के मीडिया प्रभारी एडवोकेट महबूब अली पाशा ने दी।
