देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन से जींद बना राष्ट्रीय पहचान का केंद्र, हरित परिवहन में भारत ने रचा नया इतिहास

इलेक्ट्रिक वाहनों वाली इको-फ्रेंडली रैली ने दिया ग्रीन हरियाणा का संदेश, विकास और पर्यावरण साथ-साथ

-जींद की जनसभा से 2029 की राजनीतिक पटकथा, विकास, सुशासन और संगठन के दम पर भाजपा का बड़ा शक्ति प्रदर्शन

जींद, ( हरियाणा ) 17 जुलाई (एम पी भार्गव): हरियाणा की राजनीति में 17 जुलाई शुक्रवार का दिन केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि राजनीतिक दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण साबित हुआ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जींद से देश की पहली हाइड्रोजन ईंधन आधारित यात्री ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर जहां भारत को हरित परिवहन के नए युग में प्रवेश कराया, वहीं अपने संबोधन के माध्यम से स्पष्ट संकेत दिया कि हरियाणा भाजपा की राष्ट्रीय विकास राजनीति का एक प्रमुख केंद्र बनने जा रहा है। प्रधानमंत्री का यह दौरा विकास परियोजनाओं के उद्घाटन तक सीमित नहीं रहा। उनके भाषण में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व की खुली सराहना, भाजपा सरकार की कार्यशैली की प्रशंसा तथा कांग्रेस पर अप्रत्यक्ष राजनीतिक प्रहार ने यह संदेश दिया कि हरियाणा में भाजपा आगामी राजनीतिक संघर्ष भी विकास और सुशासन के मुद्दे पर ही लड़ना चाहती है।

अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने हरियाणवी अंदाज में कहा, “जींद का घी और घेवर तो नहीं बदला, लेकिन जींद के तेवर बदल गए हैं।” यह केवल भावनात्मक टिप्पणी नहीं थी, बल्कि राजनीतिक रूप से यह संदेश भी था कि जिस क्षेत्र को कभी राजनीतिक रूप से अलग नजरिए से देखा जाता था, वह अब भाजपा के सुशासन मॉडल की पहचान बन चुका है। प्रधानमंत्री ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की कार्यशैली की विशेष रूप से प्रशंसा करते हुए कहा कि हरियाणा की डबल इंजन सरकार युवाओं, किसानों, महिलाओं और गरीबों के लिए प्रभावी ढंग से काम कर रही है।

कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने ₹14,721 करोड़ की लागत वाली 9 प्रमुख विकास परियोजनाओं का उद्घाटन एवं शिलान्यास किया। इनमें देश की पहली हाइड्रोजन ईंधन आधारित यात्री ट्रेन, दिल्ली-जम्मू-कटरा एक्सप्रेसवे के हरियाणा खंड का लोकार्पण, जींद-गोहाना राष्ट्रीय राजमार्ग, अंबाला-काला अंब राष्ट्रीय राजमार्ग, कुरुक्षेत्र एलिवेटेड रेलवे ट्रैक, भिवानी एवं कोरियावास (नारनौल) के नए सरकारी मेडिकल कॉलेज तथा कुरुक्षेत्र में सिख संग्रहालय की आधारशिला जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाएं शामिल रहीं।

देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन को रवाना करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि जिस प्रकार भारत की पहली ट्रेन का उल्लेख इतिहास में होता है, उसी प्रकार भविष्य में जब भी हाइड्रोजन ट्रेन की चर्चा होगी, तब जींद, सोनीपत और हरियाणा का नाम भी सम्मान से लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि यह 10 कोच वाली लगभग 3200 हॉर्स पावर क्षमता की हाइड्रोजन ट्रेन है, जिसे भारतीय इंजीनियरों ने डिजाइन किया है और भारतीय उद्योग ने तैयार किया है। इसे भारत की स्वदेशी तकनीकी क्षमता और ‘मेक इन इंडिया’ की बड़ी उपलब्धि बताया गया। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि आने वाले समय में हाइड्रोजन तकनीक से जुड़ा औद्योगिक आधार विकसित होगा, जिससे हरियाणा में रोजगार और निवेश के नए अवसर पैदा होंगे।

कार्यक्रम का एक और उल्लेखनीय पहलू पर्यावरण संरक्षण रहा। प्रधानमंत्री के आह्वान पर आयोजित इको-फ्रेंडली रैली में इलेक्ट्रिक बसों, इलेक्ट्रिक कारों का उपयोग किया गया। साथ ही सीएनजी बसें, 41 ईवी चार्जिंग स्टेशन, 6 रिजर्व चार्जिंग स्टेशन तथा 91 चार्जिंग गन की व्यवस्था की गई। इससे यह संदेश दिया गया कि विकास और पर्यावरण संरक्षण एक-दूसरे के पूरक हो सकते हैं। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अपने संबोधन में प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि पिछले वर्षों में केंद्र सरकार से हरियाणा को बड़े पैमाने पर आधारभूत ढांचे, रेलवे, स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में सहायता मिली है। उन्होंने कहा कि हरियाणा देश का पहला राज्य है जहां सभी फसलों की न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर खरीद सुनिश्चित की जा रही है तथा प्रदेश सरकार चुनावी संकल्पों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने की दिशा में कार्य कर रही है।

राजनीतिक दृष्टि से देखें तो जींद का यह आयोजन भाजपा के लिए केवल विकास परियोजनाओं का मंच नहीं था, बल्कि संगठनात्मक शक्ति, जनसमर्थन और नेतृत्व के सामंजस्य का प्रदर्शन भी रहा। बड़ी संख्या में उमड़ी भीड़, विकास परियोजनाओं की श्रृंखला और प्रधानमंत्री द्वारा मुख्यमंत्री के नेतृत्व की सार्वजनिक सराहना ने यह स्पष्ट संकेत दिया कि भाजपा हरियाणा में अपनी राजनीति का केंद्रीय आधार विकास, पारदर्शी शासन और हरित भविष्य को बनाना चाहती है।

जींद से उठा यह संदेश केवल हरियाणा तक सीमित नहीं रहा, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी यह संकेत देता है कि भाजपा आगामी राजनीतिक विमर्श में तकनीकी प्रगति, आधारभूत ढांचे के विस्तार, रोजगार, पर्यावरण संरक्षण और सुशासन को अपने प्रमुख राजनीतिक एजेंडे के रूप में आगे बढ़ाने की रणनीति पर काम कर रही है। इसी कारण राजनीतिक विश्लेषकों की नजर में 17 जुलाई का जींद कार्यक्रम हरियाणा की राजनीति में एक महत्वपूर्ण पड़ाव के रूप में देखा जा रहा है।

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