पैसों के अभाव में नहीं रुकेगा इलाज: जनता दर्शन में पहुंचे 12 गंभीर बीमारों को डीएम ने सौंपे ‘आयुष्मान कार्ड’

अंत्योदय योजना में शामिल कर बिलासपुर के 10 और स्वार तहसील के 2 लाभार्थियों को दी गई संजीवनी

-पूर्ति एवं चिकित्सा विभाग की मदद से दूर हुई फरियादियों की आर्थिक चिंता

  • रिपोर्ट: शाहबाज़ खां

रामपुर: गंभीर बीमारियों से जूझ रहे और आर्थिक तंगी के कारण इलाज कराने में असमर्थ जिले के 12 मरीजों के लिए प्रशासन का ‘जनता दर्शन’ कार्यक्रम संजीवनी साबित हुआ है। जिलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी ने संवेदनशीलता दिखाते हुए न केवल इन गरीब परिवारों को अंत्योदय योजना में शामिल कराया, बल्कि ‘आयुष्मान भारत योजना’ के तहत इनके आयुष्मान कार्ड बनवाकर खुद अपने हाथों से वितरित किए। इनमें तहसील बिलासपुर के 10 और स्वार के 2 लाभार्थी शामिल हैं। कार्ड पाकर इन गरीब परिवारों के चेहरे खिल उठे, जिससे अब उनका योजना के तहत निःशुल्क इलाज निर्बाध रूप से चल सकेगा।

फरियादियों की पीड़ा और त्वरित समाधान
विगत दिनों कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित जनता दर्शन में कई ऐसे फरियादी पहुंचे थे, जो गंभीर बीमारियों से पीड़ित हैं और विभिन्न अस्पतालों में उनका इलाज चल रहा है। इन मरीजों ने आर्थिक तंगी का हवाला देते हुए आगे के इलाज में अपनी बेबसी और असमर्थता जताई थी। उनकी इस पीड़ा को समझते हुए जिलाधिकारी ने तत्काल जिला पूर्ति अधिकारी और मुख्य चिकित्साधिकारी को निर्देशित किया कि इनकी पात्रता की जांच कर प्राथमिकता के आधार पर आयुष्मान कार्ड बनाए जाएं। जिन गरीब परिवारों का नाम योजना की सूची में नहीं था, प्रशासन ने उनकी पात्रता की जांच कराते हुए उन्हें अंत्योदय में शामिल किया और इस केंद्र व राज्य सरकार की सबसे महत्वपूर्ण स्वास्थ्य योजना का लाभ दिलाया।

मुख्यमंत्री की मंशा, नहीं रुकेगा किसी का इलाज
आयुष्मान कार्ड वितरण के दौरान जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री की सख्त मंशा है कि जनसुनवाई के दौरान लोगों की समस्याओं का गुणवत्तापूर्ण ढंग से और तत्काल निस्तारण कराया जाए। प्रशासन का मुख्य लक्ष्य है कि शासन की योजनाओं से ऐसे सभी पात्र लोगों को जोड़ा जाए, ताकि किसी भी जरूरतमंद का इलाज सिर्फ पैसे के अभाव में न रुके। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि वे आयुष्मान योजना के सभी पात्र लोगों को समयबद्ध तरीके से लाभान्वित करें और जनता दर्शन में आने वाली हर शिकायत का प्राथमिकता के आधार पर समाधान सुनिश्चित करें।

चेहरों पर लौटी मुस्कान और कम हुई चिंता
इलाज के भारी-भरकम खर्च की चिंता में डूबे इन सभी 12 लाभार्थियों के हाथों में जब जिलाधिकारी ने खुद आयुष्मान कार्ड सौंपे, तो उनके चेहरों पर एक बड़ी राहत साफ दिखाई दी। लाभार्थियों ने प्रशासन और जिलाधिकारी का विशेष आभार व्यक्त करते हुए कहा कि बीमारी ने उन्हें आर्थिक और मानसिक रूप से तोड़ दिया था। अब आयुष्मान कार्ड बन जाने से उन्हें इलाज के लिए पैसों की चिंता नहीं सताएगी और वे सरकार की इस योजना से मिलने वाली निःशुल्क स्वास्थ्य सुविधा का पूरा लाभ उठा सकेंगे।

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