सीलिंग कार्रवाई पर शिक्षण संस्थानों का विरोध, बोले– सुधार का मौका दिए बिना कार्रवाई उचित नहीं

लखनऊ अग्निकांड के बाद मोदीनगर, मुरादनगर और आसपास के क्षेत्रों में शिक्षण संस्थानों पर चल रही सीलिंग कार्रवाई का अब कोचिंग संचालकों, लाइब्रेरी संचालकों और शिक्षकों ने विरोध शुरू कर दिया है। इस संबंध में सभी ने संयुक्त रूप से उपजिलाधिकारी मोदीनगर को ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई में प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का पालन करने की मांग की है।
ज्ञापन में कहा गया है कि छात्र-छात्राओं की सुरक्षा सर्वोपरि है और सभी संस्थान फायर सेफ्टी व भवन सुरक्षा मानकों का पालन करने के लिए तैयार हैं। लेकिन कई जगह बिना पूर्व सूचना, बिना नोटिस और बिना कमियों को दूर करने का अवसर दिए सीधे सीलिंग की कार्रवाई कर दी गई, जिससे शिक्षकों, कर्मचारियों और हजारों विद्यार्थियों का भविष्य प्रभावित हो रहा है।
संचालकों का दावा है कि जिन संस्थानों को सील किया गया, उनमें कई न तो बेसमेंट में संचालित थे और न ही संकरी गलियों में स्थित थे। इसके बावजूद कुछ ही मिनटों में कार्रवाई कर दी गई। उनका कहना है कि यदि किसी संस्थान में कमी है तो उसे निर्धारित समय देकर सुधार का अवसर मिलना चाहिए।
ज्ञापन में प्रशासन से मांग की गई है कि सील किए गए संस्थानों को सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित कराने के बाद दोबारा खोलने के स्पष्ट निर्देश जारी किए जाएं। साथ ही फायर सेफ्टी और भवन सुरक्षा से जुड़े नियमों की स्पष्ट सूची उपलब्ध कराई जाए तथा ग्रामीण क्षेत्रों की व्यावहारिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए निर्णय लिया जाए।
शिक्षण संस्थानों का कहना है कि उनका उद्देश्य नियमों का विरोध करना नहीं, बल्कि सुरक्षा के साथ शिक्षा व्यवस्था को सुचारु बनाए रखना है। उन्होंने सरकार और प्रशासन से संवेदनशील एवं न्यायोचित निर्णय लेकर जल्द राहत देने की अपील की है, ताकि विद्यार्थियों की पढ़ाई और शिक्षकों की आजीविका प्रभावित न हो।

About The Author

Leave A Reply

Your email address will not be published.