कर्नाटक विधान परिषद चुनाव में क्रॉस वोटिंग से सियासी हलचल, भाजपा के निष्कासित विधायकों ने कांग्रेस को दिया समर्थन
कर्नाटक विधान परिषद चुनाव में क्रॉस वोटिंग की चर्चा तेज
- रिपोर्ट: प्राची सिंह
बेंगलुरु। कर्नाटक विधान परिषद की सात सीटों के लिए गुरुवार को हुए मतदान के दौरान क्रॉस वोटिंग की अटकलों ने सियासी माहौल गर्म कर दिया। भाजपा से निष्कासित विधायक एस.टी. सोमशेखर और शिवराम हेब्बार ने खुलकर कांग्रेस उम्मीदवारों के पक्ष में मतदान करने की पुष्टि की।
दोनों नेताओं ने आरोप लगाया कि भाजपा नेतृत्व ने उनका समर्थन हासिल करने के लिए औपचारिक रूप से संपर्क तक नहीं किया।
क्षेत्र के विकास के नाम पर कांग्रेस को दिया समर्थन
बेंगलुरु में पत्रकारों से बातचीत करते हुए एस.टी. सोमशेखर ने कहा कि उन्होंने अपने विधानसभा क्षेत्र के विकास को प्राथमिकता देते हुए कांग्रेस के पक्ष में मतदान किया है।
उन्होंने कहा कि शुरुआत में उन्होंने कोई फैसला नहीं किया था, लेकिन उनका मानना है कि जो राजनीतिक दल संवाद स्थापित करता है, उसी पर विचार किया जाता है।
सोमशेखर ने बताया कि न तो भाजपा और न ही जेडी(एस) ने उनसे संपर्क किया। दूसरी ओर मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने उन्हें फोन कर बैठक के लिए बुलाया और क्षेत्रीय विकास में सहयोग का भरोसा दिया।
उन्होंने कहा कि इसी भरोसे और अपनी अंतरात्मा की आवाज के आधार पर उन्होंने कांग्रेस का समर्थन किया।
भाजपा पर साधा निशाना
सोमशेखर ने कहा कि भाजपा उनकी तरह के नेताओं के समर्थन से सत्ता तक पहुंची थी। उन्होंने विश्वास जताया कि कांग्रेस सरकार उनके क्षेत्र के विकास के लिए चरणबद्ध तरीके से काम करेगी।
उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस के सभी पांच उम्मीदवार चुनाव जीतेंगे।
शिवराम हेब्बार ने भी भाजपा पर उठाए सवाल
निष्कासित भाजपा विधायक शिवराम हेब्बार ने कहा कि उनके लिए सबसे महत्वपूर्ण मुद्दा अपने निर्वाचन क्षेत्र का विकास है।
उन्होंने बताया कि कांग्रेस नेताओं के साथ विकास संबंधी मुद्दों पर सकारात्मक बातचीत हुई, जिसके बाद उन्होंने कांग्रेस उम्मीदवारों के समर्थन में मतदान करने का फैसला लिया।
हेब्बार ने कहा कि भाजपा ने उन्हें पार्टी से निकाल दिया, लेकिन इसके बावजूद उन्हें उम्मीद थी कि विधान परिषद चुनाव के दौरान पार्टी कम से कम औपचारिक बातचीत करेगी।
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा का मुख्य उद्देश्य जेडी(एस) उम्मीदवार को हराना था, इसलिए पार्टी नेतृत्व ने उनसे संपर्क नहीं किया।
कांग्रेस ने एकजुटता का किया दावा
उद्योग मंत्री एम.बी. पाटिल ने कांग्रेस में क्रॉस वोटिंग की संभावनाओं को खारिज करते हुए कहा कि पार्टी पूरी तरह एकजुट है और सभी विधायक तय रणनीति के अनुसार मतदान करेंगे।
उन्होंने कहा कि अगर कहीं क्रॉस वोटिंग की संभावना है तो वह भाजपा और जेडी(एस) खेमे में है।
कांग्रेस विधायक कोनारेड्डी ने भी दावा किया कि पार्टी के सभी पांच उम्मीदवार जीत दर्ज करेंगे। उनके अनुसार प्रत्येक उम्मीदवार को 28 से 29 वोट आवंटित किए गए हैं और सभी विधायक निर्धारित योजना के तहत मतदान कर रहे हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि अन्य दलों के कुछ विधायकों का समर्थन भी कांग्रेस को मिल सकता है।
भाजपा ने जताया जीत का भरोसा
भाजपा विधायक अरविंद बेल्लद ने विश्वास जताया कि पार्टी के सभी उम्मीदवार जीतेंगे।
उन्होंने स्वीकार किया कि एस.टी. सोमशेखर और शिवराम हेब्बार के वोट कांग्रेस को जा सकते हैं, लेकिन बाकी सभी भाजपा विधायक पार्टी के साथ हैं।
उन्होंने भाजपा उम्मीदवार लिंगराज पाटिल और रघु कौटिल्य की जीत का भरोसा भी जताया।
वहीं, भाजपा विधायक एस.आर. विश्वनाथ ने कहा कि एनडीए के तीनों उम्मीदवार जीतेंगे और भाजपा में किसी तरह की क्रॉस वोटिंग नहीं होगी।
उन्होंने दावा किया कि वास्तविक असंतोष कांग्रेस के भीतर है, जहां मंत्रिमंडल विस्तार और गुटबाजी के मुद्दे मौजूद हैं।
कांग्रेस ने खरीद-फरोख्त के आरोपों को किया खारिज
पूर्व मंत्री एन. चेलुवरायस्वामी ने खरीद-फरोख्त के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि कांग्रेस के पास लगभग 140 वोट हैं, जो पांचों उम्मीदवारों की जीत सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त हैं।
उन्होंने कहा कि पार्टी के पास पर्याप्त द्वितीय वरीयता मत भी हैं और कांग्रेस में किसी तरह की क्रॉस वोटिंग नहीं होगी।
