लालू परिवार की जेड प्लस सुरक्षा पर सियासत तेज, तेजप्रताप यादव ने सुरक्षा लौटाने के दावों को बताया गलत
- रिपोर्ट: सुरजीत सिंह
पटना। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) प्रमुख Lalu Prasad Yadav, पूर्व मुख्यमंत्री Rabri Devi और बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष Tejashwi Yadav की जेड प्लस सुरक्षा को लेकर बिहार की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। इस बीच जनशक्ति जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष Tej Pratap Yadav ने सुरक्षा वापस किए जाने की खबरों को खारिज करते हुए इसे भ्रामक बताया है।
सुरक्षा व्यवस्था में बदलाव की चर्चाओं के बीच राबड़ी देवी के सरकारी आवास पर राजनीतिक गतिविधियां बढ़ गईं। इसी क्रम में तेजप्रताप यादव अपनी मां राबड़ी देवी से मुलाकात करने उनके आवास पहुंचे। इस दौरान बड़ी संख्या में राजद कार्यकर्ता भी वहां मौजूद रहे।
मीडिया से बातचीत में तेजप्रताप यादव ने कहा कि न तो राबड़ी देवी और न ही परिवार के किसी अन्य सदस्य ने अपनी सुरक्षा वापस की है। उन्होंने दावा किया कि सुरक्षा कर्मियों को यह बताया जा रहा था कि उनकी सुरक्षा संबंधी कमांड समाप्त कर दी गई है। उनके अनुसार, राबड़ी देवी ने केवल इतना कहा था कि यदि कमांड समाप्त हो गई है तो सुरक्षा कर्मी अपनी ड्यूटी से जा सकते हैं।
तेजप्रताप यादव ने बताया कि वह अपनी मां का हालचाल जानने पहुंचे थे, क्योंकि उनकी तबीयत ठीक नहीं चल रही है। इस दौरान उन्होंने बिहार में महिलाओं की सुरक्षा का मुद्दा भी उठाया और कहा कि राज्य की बहू-बेटियों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ माध्यमों के जरिए यह प्रचारित किया गया कि लालू परिवार ने स्वेच्छा से अपनी सुरक्षा वापस कर दी है, जबकि ऐसा कोई निर्णय परिवार की ओर से नहीं लिया गया। उनका कहना था कि सुरक्षा कर्मियों ने स्वयं दस्तावेज दिखाकर सुरक्षा कमांड समाप्त होने की जानकारी दी थी।
वहीं, इस मुद्दे पर विपक्षी दलों ने भी लालू परिवार के समर्थन में प्रतिक्रिया दी है। इंडियन इंसाफ पार्टी (आईआईपी) के सह-राष्ट्रीय अध्यक्ष और विधायक IP Gupta ने कहा कि महागठबंधन में राजद की महत्वपूर्ण भूमिका है और सहयोगी दलों का दायित्व है कि वे ऐसे मामलों में नैतिक समर्थन दें।
आईपी गुप्ता ने आरोप लगाया कि बिहार के अहम मुद्दों से जनता का ध्यान हटाने के लिए लालू परिवार से जुड़े विषयों को राजनीतिक रूप से उछाला जा रहा है। उन्होंने राज्य की आर्थिक स्थिति, विकास कार्यों की रफ्तार और कथित टेंडर घोटालों जैसे मुद्दों पर भी सरकार को घेरा।
फिलहाल जेड प्लस सुरक्षा को लेकर जारी विवाद ने बिहार की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। सुरक्षा व्यवस्था में हुए बदलाव और उससे जुड़े दावों-प्रतिदावों पर सभी पक्षों की नजर बनी हुई है।
