जनपद में 18 जुलाई तक धारा-163 लागू, बिना अनुमति धरना-प्रदर्शन पर रोक
टीजीटी परीक्षा और मोहर्रम को लेकर प्रशासन सख्त, जारी हुई निषेधाज्ञा बिना अनुमति जुलूस, रैली, पदयात्रा और ड्रोन संचालन प्रतिबंधित
- रिपोर्ट: शाहबाज़ खां
रामपुर: अपर जिला मजिस्ट्रेट (प्रशासन) डा नितिन मदान ने बताया कि आगामी दिवसों में विभिन्न धार्मिक एवं राजनैतिक संगठनों, संस्थाओं, व्यक्तियों आदि द्वारा जनपद के विभिन्न भागों में धरना प्रदर्शन, जुलूस, मार्च, पदयात्रा इत्यादि द्वारा अथवा अन्य प्रकार के अविधिक, असामाजिक क्रिया-कलापों एवं कार्यक्रमों से शान्ति व्यवस्था भंग की जा सकती है। आगामी अवधि मे प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक (टीजीटी) परीक्षा व मोहर्रम आदि त्यौहारों के दृष्टिगत जनपद में लोक व्यवस्था/कानून एवं शांति व्यवस्था तथा जन व्यवस्था बनाये रखने हेतु भारतीय नागरिक सुरक्षा सहिता-2023 की धारा-163 में विहित अधिकारों का प्रयोग करते हुए जनपद की सम्पूर्ण सीमा एवं इसके अन्तर्गत पड़ने वाले समस्त नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्र हेतु 18 जुलाई 2026 तक निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है।
उन्होंने बताया कि विभिन्न प्रकार की होने वाली परीक्षाओं के दौरान सम्बन्धित परीक्षा के दिशा निर्देशों के अनुसार अधिकृत अधिकारी/व्यक्तियों के अतिरिक्त किसी भी व्यक्ति द्वारा परीक्षा केन्द्रों के आस-पास 200 मीटर/परीक्षा सम्बन्धी निर्देशानुसार निर्धारित परिधि में ध्वनि विस्तारक यन्त्रों, सेल्यूलर फोन, पेजर तथा मोबाइल फोन, आईटी गजेटस अथवा ऐसे इलेक्ट्रानिक संयंत्र जिससे अनुचित साधन प्रयोग की आशंका हो, का प्रयोग वर्जित रहेगा। समस्त कक्ष निरीक्षक/स्टाफ अथवा परीक्षार्थी उपकरणों को लेकर परीक्षा केन्द्र में प्रवेश नहीं करेंगे। परीक्षा केन्द्रों के 200 मीटर/परीक्षा सम्बन्धी निर्देशानुसार निर्धारित परिधि में परीक्षा प्रारम्भ होने से समाप्त होने की अवधि तक सम्पूर्ण फोटो स्टेट मशीनें, पीसीओ, साइबर कैफे संचालित नहीं किए जायेगें। परीक्षा के दौरान परीक्षार्थियों को किसी प्रकार के शस्त्रादि लेकर परीक्षा की परिधि में प्रवेश नहीं करने दिया जायेगा। कोई भी परीक्षार्थी परीक्षा केन्द्र के अन्दर पाठ्य सामग्री लेकर नहीं जायेगा।
परीक्षा के दौरान परीक्षार्थी परीक्षा कक्ष के अन्दर पेन, प्रवेश पत्र व मूल पहचान पत्र के अतिरिक्त अन्य समस्त सामग्री ले जाना वर्जित है। परीक्षा के दौरान किसी परीक्षार्थी द्वारा नकल करने, अनुचित साधनों का प्रयोग करने एवं कापी, किताबें, नोट्स, इलेक्ट्रानिक्स गैजेट अथवा किसी प्रकार की निषिद्ध सामग्री का प्रयोग करने पर अथवा उसके पास से बरामद होने पर नियमानुसार दण्डनीय होगा। परीक्षा के दौरान किसी परीक्षार्थी द्वारा अन्य की कॉपी लिखने, नकल कराने, किसी प्रकार की गड़बड़ी करने अथवा कक्ष निरीक्षक से दुर्व्यवहार करने, उत्तर पत्रक/प्रश्न पुस्तिका लेकर भाग जाने, इसे नष्ट करने या फाड देने, बाधा पहुंचाने एवं परीक्षा केन्द्र की सम्पत्ति को क्षति पहुँचाने अवरोध करने या अन्य कोई आपराधिक कृत्य करने नियमानुसार दण्डनीय होगा। परीक्षा के दौरान परीक्षार्थियों को किसी प्रकार के शस्त्रादि लेकर परीक्षा की परिधि में प्रवेश नहीं करने दिया जायेगा। परीक्षाओं में नकल पर प्रभावी ढंग से रोकथाम और प्रश्नपत्रों की गोपनीयता भंग होने से रोकने के लिए परीक्षा केन्द्र के बाहर समाज विरोधी अवांछित तत्वों तथा बाह्य व्यक्तियों का एकत्रित होना प्रतिबन्धित रहेगा।
उन्होंने बताया कि जनपद में किसी भी व्यक्ति, संस्था, संगठन द्वारा किसी कार्यक्रम, माध्यम से सांप्रदायिक सद्भाव व सामाजिक सौहार्द को बिगाडने का प्रयास नहीं किया जाएगा। ड्यूटी पर तैनात शासकीय कर्मचारियों/अधिकारियों और अन्य कर्मियों जो शासकीय अस्त्र-शस्त्र धारण करने हेतु अधिकृत हैं, को छोड़कर कोई भी व्यक्ति आग्नेय अस्त्र, विस्फोटक पदार्थ लाठी, वल्लम, भाला अथवा तेज धार वाले हथियार लेकर सार्वजनिक रूप से न तो विचरण करेगा और न ही किसी प्रकार से ऐसे अस्त्र-शस्त्रों का प्रदर्शन करेगा एवं सक्षम अधिकारी से छूट/अनुमति के बगैर अपने पास नहीं रखेगा। किसी प्रकार के आयोजन/समारोह में भी अन्य अस्त्र-शस्त्र के साथ ही लाइसेंसी अस्त्रों का प्रदर्शन, हर्ष फायरिंग व उपयोग भी प्रतिबन्धित होगा। ड्यूटी पर तैनात अधिकारी/कर्मचारी सिक्ख समुदाय के लोग धार्मिक हथियार के रूप में कृपाण धारण करने व बूढे दिव्यांग व्यक्ति जो सहारे के लिए छड़ी प्रयोग करते हैं, इस प्रतिबन्ध से मुक्त रहेंगे। किसी सार्वजनिक स्थान पर कोई भी व्यक्ति ऐसे व्यक्तियों के समूह के साथ सम्मिलित नहीं होगा जिसका उद्देश्य किसी विधि विरूद्ध गतिविधि में भाग लेना हो। कोई भी व्यक्ति बिना लाइसेंस तेजाब व अन्य कोई पदार्थ जो आतिशबाजी, विस्फोटक सामग्री की श्रेणी में आता हो एकत्रित नही करेगा साथ ही ककण, पत्थर, खाली बोतल, शीशे के टुकडे आदि ऐसी सामग्री का संग्रह अपने भवनों या छतांे अथवा अन्य स्थानों पर कहीं नहीं करेगा।
उन्होंने बताया कि कोई भी व्यक्ति अथवा राजनीतिक दल, सगठन बिना पूर्व अनुमति के कोई जनसभा, नुक्कड सभा रैली, जुलूस, सास्कृतिक कार्यक्रम पदयात्रा, विजयोत्सव, धरना प्रदर्शन आदि आयोजित नहीं करेगा और पूर्व अनुमति मे उल्लिखित निर्धारित स्थल/मार्ग व अवधि नहीं बदलेगा। सभा, धरना प्रदर्शन में किसी प्रकार का भडकाऊ/अमर्यादित भाषण व किसी का पुतला नहीं लगाएगा व उसके सार्वजनिक स्थानों पर जलाने और इस प्रकार के अन्य कृत्यों व प्रदर्शनों का समर्थन नहीं करेगा। इसके साथ ही साथ पूर्व अनुमति द्वारा आयोजित धरना, प्रदर्शन, सभाओं एवं जुलूसों आदि में कोई ऐसा कार्य नहीं किया जाएगा जिससे कि जनसामान्य को बाधा पहुचे। परम्परागत पर्वाें/त्यौहारो में जनसामान्य के शान्ति एवं सौहार्दपूर्ण ढंग से सम्मिलित होने, विवाहोत्सव, शव यात्राओं या शासन के विभिन्न विभागों के प्रबन्धाधीन आयोजित सांस्कृतिक/एकेडमिक कार्यक्रम इस प्रतिबन्ध से मुक्त रहेंगे। कोई भी व्यक्ति किसी भी प्रकार के धरना, प्रदर्शन, समारोह, कार्यक्रम, जुलूस आदि सार्वजनिक स्थलों में ध्वनि विस्तारक यंत्रों जैसे लाउडस्पीकर आदि का प्रयोग किसी भी दशा में बिना पूर्व अनुमति के नहीं करेगा एवं पूर्व अनुमति की दशा में भी अनुमति की शर्तों का उल्लघन नहीं किया जाएगा। किसी भी दशा में मा० न्यायालय के निर्देशानुसार रात्रि 10ः00 बजे से प्रातः 06ः00 बजे तक निर्धारित मानकों से अधिक तीव्रता के ध्वनि विस्तारक यंत्रों/साधनों का प्रयोग नहीं किया जायेगा।
उन्होंने बताया कि कोई भी व्यक्ति, संगठन, समूह, सम्प्रदाय, दल सोशल मीडिया साइट्स या अन्य किसी माध्यम से किसी भी धर्म सम्प्रदाय आदि के किसी भी महापुरुष देवी-देवता आदि का प्रत्यक्ष या परोक्ष किसी भी रूप से अनादर करने का प्रयास नहीं करेगा और न ही बिना सक्षम अधिकारी की पूर्व अनुमति प्राप्त किये देवी-देवताओं अथवा किसी भी महापुरूष की मूर्ति स्थायी या अस्थायी ही स्थापित करेगा। पण्डाल लगाने या किसी भी सार्वजनिक परम्परा का निर्वहन करने में सार्वजनिक मार्ग को अवरूद्ध करना निषिद्ध रहेगा। कोई भी व्यक्ति, संगठन, समूह, सम्प्रदाय, दल सोशल मीडिया साइट्स या अन्य किसी माध्यम से किसी भी प्रकार के सम्प्रदाय, भ्रामक, असत्य, दिग्भ्रमित व जनसामान्य को भडकाने वाली किसी भी प्रकार का कोई लेखन/पोस्ट नहीं करेगा न ही कराएगा। साथ ही अफवाह फैलाने वाले मैसेज, फोटो, पोस्ट न लाईक करेगा और न ही फैलाएगा। किसी भी व्यक्ति समूह, संगठन या दल ऐसी कोई भी अपील, घेराव या आहवान इस आशय से नहीं करेगा जिससे कोई भीड या जनसमूह एकत्रित हो। बिना सक्षम अधिकारी के पूर्व अनुमति प्राप्त किए किसी भी इलेक्ट्रानिक या सोशल मीडिया द्वारा सार्वजनिक स्थल पर कोई भी डिबेट/परिचर्चा आयोजित नहीं की जाएगी। सामान्य स्थितियो को छोड़कर एक स्थान पर 5 से अधिक व्यक्ति या व्यक्तियों का समूह जिसके क्रिया-कलापों से लोक व्यवस्था/शांति व्यवस्था/जन सुरक्षा प्रभावित हो, एकत्रित नहीं होगा। कोई भी व्यक्ति/संगठन सार्वजनिक/धार्मिक स्थलों के आस-पास खुलेआम मांस या गोश्त आदि नहीं फेकेगा, न ही मदिरापान आदि और न ही नशे की हालत में सार्वजनिक स्थान पर भ्रमण करेगा।
अपर जिला मजिस्ट्रेट ने बताया कि खाद्य सुरक्षा एवं मानक (प्रतिषेध एवं निर्वाचन) विनियम 2011 के अन्तर्गत तम्बाकू एवं निकोटीन युक्त पान मसाला/गुटखा का निर्माण/ भंडारण/विक्रय प्रतिबन्धित रहेगा, जिसका उल्लंघन दण्डनीय अपराध होगा। खाद्य सुरक्षा मानक अधिनियम 2006 एवं खाद्य सुरक्षा मानक विनियम-2011 में निहित प्राविधानों के विपरीत पशु वधशालाओं में कटान एवं मास का विक्रय नहीं किया जायेगा एवं अवैध बूचड़खानों का संचालन व अवैध रूप से खुले में मीट, मॉस, मछली आदि का कटना व विक्रय प्रतिबन्धित रहेगा। सिगल यूज प्लास्टिक और थर्माेकाल के इस्तेमाल की अनुमति नहीं दी जायेगी। आम जनमानस को प्लास्टिक फ्री त्यौहार मनाए जाने हेतु प्रेरित किया जाये।
प्लास्टिक और अन्य जीव अनाशित सामग्री का उपयोग और निस्तारण के सम्बन्ध में निर्गत शासनादेशों/निहित निर्देशों का उल्लंघन नहीं किया जायेगा। घरेलू पशुओं को निराश्रित व आवारा पशुओं हेतु निर्मित गोरक्षण केन्द्रों (गोशालाओं) में नहीं लायेगा और न ही किसी को प्रोत्साहित करेगा। ऐसा कोई कार्य/कार्यक्रम आयोजित नहीं किया जाएगा जिससे पशु अतिचार अधिनियम में दिये गये प्राविधानों एवं पशुक्रूरता अधिनियम 1960 का उल्लघंन होता हो। पूर्व अनुमति के बिना ड्रोन, मानव रहित हवाई वाहन आदि ऐसे संदृश उडने वाले उपकरण का संचालन एवं परिचालन पूर्णतः प्रतिबन्धित रहेगा। यह प्रतिबन्ध पुलिस विभाग पर लागू नहीं होगें।
बिना अनुमति प्राप्त कि जनपद में कोई भी जुलूस धरना प्रदर्शन, घेराव, पदयात्रा, वाद-विवाद, नारेबाजी इत्यादि नहीं किया जायेगा। सिथेटिक माझा/शीशा लेपित नाइलोन पंतग डोरी एवं चाइनीज मांझा का निर्माण, भण्डारण उपयोग एवं विक्री पूर्णत प्रतिबन्धित रहेगी। इस अवधि के मध्य पड़ने वाले त्यौहारों पर किसी प्रकार की नई परम्परा प्रारम्भ नहीं की जायेगी। आवागमन के साधन जैसे रेल, सडक यातायात आदि, विद्युत व्यवस्था, जल आपूर्ति जैसी महत्वपूर्ण जनहित की सेवाओं में किसी प्रकार का अवरोध उत्पन्न नहीं करेगा। सार्वजनिक कार्यक्रमों के सम्बन्ध में केन्द्र व राज्य सरकार अथवा स्थानीय प्रशासन से जारी दिशा निर्देशों का अनुपालन किया जाना अनिवार्य होगा।
उन्होंने बताया कि इस आदेश को तात्कालिक रूप से पारित करने की आवश्यकता है। ऐसी दशा में समयाभाव के कारण समस्त सम्बन्धितों को समय से सूचित कर किसी अन्य पक्ष को सुना जाना सम्भव नहीं है। यह आदेश एक पक्षीय रूप से पारित किए जा रहे हैं। यह आदेश तत्काल प्रभावी होगा और यदि बीच में वापस न लिया गया तो 18 जुलाई 2026 तक प्रभावी रहेगा। उन्होंने बताया कि इस आदेश अथवा इसके किसी अन्य अंश का उल्लंघन भारतीय न्याय संहिता-2023 की धारा-223 के अन्तर्गत दण्डनीय अपराध होगा।
