गुस्ताख़ी माफ़, हरियाणा — पवन कुमार बंसल
“झूठ बोले कौआ काटे” — लेकिन “बिन पर्ची, बिन खर्ची नौकरी” का दावा करने वाले मनोहर लाल जी को न तो कौए ने काटा, बल्कि मोदी कृपा से वे केंद्र में मंत्री बन गए और आज भी रिमोट कंट्रोल से हरियाणा सरकार चला रहे हैं।
मनोहर लाल जी, जनता की याददाश्त भले कमजोर हो, लेकिन सच को भुलाया नहीं जा सकता। आपके मुख्यमंत्री रहते हुए एचपीएससी के डिप्टी सेक्रेटरी को विजिलेंस ने एक करोड़ रुपये के साथ गिरफ्तार किया था। उस दौरान एक मोबाइल भी बरामद हुआ, जिसमें आपके दो करीबी लोगों की बातचीत थी कि किसे नौकरी देनी है और किसे नहीं।
विजिलेंस ने उस मोबाइल मामले को आगे नहीं बढ़ाया, वरना पता नहीं इस हमाम में कितने चेहरे बेनकाब होते।
शायर के शब्दों में:
“विजिलेंस की भी कुछ मजबूरियाँ रही होंगी,
यूँ ही तो कोई बेवफ़ा नहीं होता।”
मनोहर लाल जी, आपने विवादों में घिरे आलोक वर्मा को एचपीएससी का चेयरमैन बनाया। अब सवाल यह है कि जिस व्यवस्था को पारदर्शी और निष्पक्ष बताया गया, उसमें इतने गंभीर आरोप और घटनाएँ आखिर कैसे सामने आईं?
