देवभूमि मेडिकल कॉलेज की छात्रा प्रियांशी बुलबुल(बदायूं) ने BAMS में उत्तराखंड विश्वविद्यालय में हासिल की दूसरी रैंक
देहरादून: देवभूमि मेडिकल कॉलेज ऑफ आयुर्वेद एंड हॉस्पिटल, बदायूं की छात्रा प्रियांशी बुलबुल ने आयुर्वेदाचार्य (BAMS) परीक्षा में उत्तराखंड आयुर्वेद विश्वविद्यालय में दूसरी रैंक प्राप्त कर बड़ी उपलब्धि हासिल की है। उनकी इस सफलता से परिवार, कॉलेज और क्षेत्र में खुशी का माहौल है।
प्रियांशी बुलबुल बदायूं जिले के सहसवान के प्रसिद्ध व्यवसायी भुवनेश माहेश्वरी एवं असिस्टेंट प्रोफेसर व कवयित्री डॉ. शुभ्रा माहेश्वरी की सुपुत्री हैं। प्रियांशी शुरू से ही मेधावी छात्रा रही हैं। इससे पहले उन्होंने इंटरमीडिएट में फ्लोरेंस नाइटिंगेल स्कूल, बदायूं में तथा बीएससी में डीपी कॉलेज में टॉप किया था।
इतना ही नहीं, प्रियांशी को दो बार पर्यावरण मंत्री द्वारा भी सम्मानित किया जा चुका है। शिक्षा के साथ-साथ वह एक अच्छी चित्रकार और कवयित्री भी हैं।
प्रियांशी अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, भाई देवांश माहेश्वरी, परिवार और शिक्षकों को देती हैं। उन्होंने विशेष रूप से अपनी सहेली बिहार निवासी शालिनी वर्मा का भी उल्लेख किया, जिन्होंने टॉप-10 में तीसरा स्थान प्राप्त किया है। इसके अलावा उन्होंने देवभूमि मेडिकल कॉलेज की मेघा मैम सहित सभी शिक्षकों के मार्गदर्शन को अपनी सफलता का महत्वपूर्ण आधार बताया।
प्रियांशी ने कहा कि वह अपने क्षेत्र में रहकर नगरवासियों की सेवा करना चाहती हैं और आयुर्वेद के क्षेत्र में बेहतर कार्य कर समाज के लिए योगदान देना चाहती हैं।
प्रियांशी की मां डॉ. शुभ्रा माहेश्वरी, जो राजकीय महाविद्यालय सहसवान में हिन्दी विभागाध्यक्ष हैं, और पिता भुवनेश माहेश्वरी ने बेटी की सफलता पर खुशी जताते हुए कहा, “आज हमारा मस्तक गर्व से ऊंचा हो गया है। बिटिया की BAMS की पढ़ाई पूरी हो गई और अब वह डॉ. प्रियांशी बुलबुल बन गई है। बचपन से देखा गया उसका सपना आज पूरा हो गया। लेकिन सबसे बड़ी खुशी इस बात की है कि उसने केवल अपने कॉलेज ही नहीं, बल्कि पूरे उत्तराखंड में टॉपर बनकर हमारा नाम रोशन किया है। यह आप सभी के आशीर्वाद और प्यार का प्रतिफल है।”
