गुस्ताखी माफ हरियाणा- पवन कुमार बंसल
हंगामा है क्यो बरपा थोड़ी सी जो पी ली है-भगवंत मान पर शराब पी कर असेंबली में आने के आरोप पर हरियाणवी स्टाइल में बहस …
“देख भाई, बात सीधी से.. जो आरोप लागे सैं, वो अभी तक पक्के तौर पे साबित कोनी हुए.. 1 मई 2026 वाले सेशन में नशे में थे—इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि सामने कोनी आई। ना कोई मेडिकल टेस्ट, ना ठोस सबूत।
हाँ, सवाल उठे सैं, जांच की मांग भी हुई थी, पर स्पीकर ने उसे खारिज कर दिया—यो भी सच्चाई सै। अब ‘पीकर आए थे’ या ‘रात वाली नहीं उतरी’—ये फिलहाल राजनीति के तीर ज्यादा लगें सैं, फैक्ट कम।
वैज्ञानिक तौर पे मान लें तो अगर कोई रात ने ज्यादा पी ले, तो अगला दिन असर रह सकता सै—पर किसी खास आदमी पे बिना सबूत के चिपकाना ठीक कोनी, खासकर जब वो सीएम की कुर्सी पे बैठा हो।
इसलिए बात घुमा-फिरा के नहीं—जितना पक्का सै, उतना बोलो:
आरोप लागे सैं, पर पुष्टि कोनी।
जांच की बात उठी, पर मानी कोनी गई।
बाकी सच्चाई के लिए ठोस सबूत जरूरी सै।”
इसमें धार भी बनी रहेगी, और बात की विश्वसनीयता भी गिरेगी ना।
