अभियोजन कार्यों में ढिलाई बर्दाश्त नहीं, दोषियों को सजा दिलाना सुनिश्चित करें: डीएम

  • रिपोर्ट- कपिल सिंह

बाराबंकी। कलेक्ट्रेट परिसर स्थित लोकसभागार में जिलाधिकारी ईशान प्रताप सिंह की अध्यक्षता एवं पुलिस अधीक्षक अर्पित विजयवर्गीय की उपस्थिति में अभियोजन कार्यों की विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिलाधिकारी ने गत माह में दोषमुक्त हुए प्रकरणों की एक-एक कर समीक्षा करते हुए अभियोजकों से विस्तृत जानकारी ली।
उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी प्रकरण में किसी स्तर पर ढिलाई न बरती जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि अभियोजन की कमजोरी के कारण कोई भी अपराधी दोषमुक्त न होने पाए।
समीक्षा के दौरान अपने ही बयानों से मुकरने वाले वादियों के विरुद्ध धारा 22 के अंतर्गत की जा रही कार्रवाई की प्रगति भी परखी गई। जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि ऐसे मामलों में विधिक प्रावधानों का कड़ाई से पालन करते हुए आवश्यक प्रकीर्ण वाद दर्ज किए जाएं और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
गैंगेस्टर एक्ट मामलों में मजबूत पैरवी के निर्देश
जिलाधिकारी ने गैंगेस्टर एक्ट से जुड़े प्रकरणों की विशेष समीक्षा करते हुए अभियोजकों को निर्देश दिए कि न्यायालय में ठोस, तथ्यपरक और प्रभावी पैरवी की जाए, ताकि अपराधियों को कठोर सजा मिल सके। उन्होंने यह भी कहा कि गैंगेस्टर एक्ट के बेस मुकदमों में किसी प्रकार की शिथिलता न बरती जाए और विवेचना, साक्ष्य संकलन तथा अभियोजन के हर चरण में गंभीरता बरती जाए।
जिलाधिकारी ने अभियोजकों से अपनी जिम्मेदारियों का ईमानदारीपूर्वक निर्वहन करने और न्यायालय में सरकार का पक्ष मजबूती से रखने की अपेक्षा जताई, ताकि संगठित अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सके।

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