रामपुर जनपद में अवैध खनन और ओवरलोड डंपरों का मुद्दा एक बार फिर गंभीर होता जा रहा है। गांधी समाधि, तोपखाना और एकता चौराहे से होकर रात 10 बजे के बाद भारी संख्या में ओवरलोड डंपर खुलेआम सड़कों पर दौड़ते नजर आ रहे हैं। यह स्थिति तब है जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अवैध खनन पर सख्त रोक लगाने के स्पष्ट निर्देश दे रखे हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर इन आदेशों की खुलेआम अनदेखी हो रही है।
बताया जा रहा है कि खनन विभाग की कार्रवाई के बावजूद अवैध खनन करने वालों के हौसले बुलंद हैं। खनन माफिया बिना किसी डर के रात के अंधेरे में मिट्टी और बालू से भरे ओवरलोड डंपर सड़कों पर दौड़ा रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन की सख्ती कुछ दिनों तक ही असर दिखाती है, इसके बाद फिर से वही स्थिति बन जाती है।
जिलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी द्वारा समय-समय पर खनन पर रोक लगाने के प्रयास किए जाते हैं, जिससे कुछ समय के लिए गतिविधियां थम जाती हैं। लेकिन जैसे ही निगरानी ढीली पड़ती है, खनन माफिया दोबारा सक्रिय हो जाते हैं और देर रात तेज रफ्तार में डंपर दौड़ाने लगते हैं।
इन ओवरलोड डंपरों की तेज गति आम लोगों के लिए खतरा बनती जा रही है। सड़क पर चलने वाले छोटे-बड़े वाहनों की सुरक्षा पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि अगर जल्द ही इस पर सख्त कार्रवाई नहीं की गई, तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
