दुर्गियाना मंदिर में बनेगा आधुनिक “मानस मंदिर”, डिजिटल रूप में सुनाई जाएगी रामायण
लक्ष्मी कांता चावला ने किया प्रोजेक्ट का ऐलान, 19 अप्रैल को होगा शुभारंभ भगवान राम की विशाल प्रतिमा भी लगेगी, 7 करोड़ की लागत का अनुमान देश-विदेश के श्रद्धालुओं को जोड़ने की योजना, सेवा के लिए लोगों से अपील
अमृतसर के प्रसिद्ध दुर्गियाना मंदिर में एक बड़े धार्मिक और आधुनिक प्रोजेक्ट की शुरुआत होने जा रही है। मंदिर समिति की प्रधान बीबी लक्ष्मी कांता चावला द्वारा आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान घोषणा की गई कि मंदिर परिसर में एक विशेष “मानस मंदिर” का निर्माण किया जाएगा, जिसमें रामायण को डिजिटल और आधुनिक तरीके से प्रस्तुत किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि इस मंदिर की प्रेरणा वाराणसी के मानस मंदिर से ली गई है, लेकिन अमृतसर में बनने वाला यह प्रोजेक्ट उससे भी अधिक उन्नत और आकर्षक होगा। मंदिर में रामायण के सातों कांडों को डिजिटल तकनीक के माध्यम से प्रस्तुत किया जाएगा, जहां श्रद्धालु बटन दबाकर अपनी पसंद का भाग सुन सकेंगे। इसके साथ ही मूर्तियों को एक्शन रूप में तैयार किया जाएगा, जिससे ऐसा महसूस होगा जैसे पात्र जीवंत हों।
लक्ष्मी कांता चावला ने कहा कि आजकल बच्चों को अपने धार्मिक इतिहास और ग्रंथों के बारे में कम जानकारी है, इसलिए यह मंदिर एक शैक्षणिक केंद्र के रूप में भी काम करेगा। यहां आने वाले लोग न केवल दर्शन करेंगे, बल्कि रामायण के वास्तविक अर्थ और शिक्षाओं को भी समझ सकेंगे।
इस प्रोजेक्ट के तहत मंदिर के बाहर भगवान राम की एक विशाल प्रतिमा भी स्थापित की जाएगी, जो श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बनेगी। मंदिर निर्माण पर लगभग 7 करोड़ रुपये की लागत आने का अनुमान है, जो आगे बढ़ भी सकती है। यह पूरा निर्माण कार्य दुर्गियाना मंदिर समिति की देखरेख में किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि 19 अप्रैल को सुबह 10 बजे इस प्रोजेक्ट का शुभारंभ किया जाएगा। पंजाब, हरियाणा, जम्मू-कश्मीर और देश-विदेश के श्रद्धालुओं को इसमें शामिल होने के लिए आमंत्रित किया गया है। चावला ने लोगों से अपील की कि वे मंदिर की कार सेवा में भाग लें और अपनी श्रद्धा अनुसार योगदान दें।
उन्होंने यह भी कहा कि मंदिर का निर्माण लगभग डेढ़ साल में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। मंदिर बनने के बाद यहां श्रद्धालुओं की संख्या में काफी वृद्धि होगी और यह स्थान धार्मिक पर्यटन का एक प्रमुख केंद्र बनकर उभरेगा।
