रामपुर में गैस की कालाबाजारी और अवैध भंडारण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए प्रशासन ने कोयला ढाबा पर छापेमारी की। 19 मार्च 2026 को दोपहर 2:10 बजे चाकू चौराहा, बिलासपुर रोड स्थित कोयला ढाबा का आकस्मिक निरीक्षण किया गया।
यह कार्रवाई जिला पूर्ति अधिकारी पूरन सिंह चौहान के नेतृत्व में क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी अजीत कुमार, विनोद कुमार विश्वकर्मा, पूर्ति निरीक्षक चुन्नीलाल और फरीन जहां की संयुक्त टीम द्वारा की गई।
निरीक्षण के दौरान होटल के किचन क्षेत्र में कुल 13 कमर्शियल गैस सिलेंडर पाए गए, जिनमें 9 बड़े और 4 छोटे (5 किलोग्राम) सिलेंडर शामिल थे। जांच में कुछ सिलेंडर भरे और सीलबंद (भारत गैस) मिले, जबकि कई सिलेंडर खाली अवस्था में (इंडेन और एचपी गैस) पाए गए। कुछ सिलेंडर उपयोग में थे, जबकि अतिरिक्त छोटे सिलेंडर भी सीलबंद हालत में रखे मिले।
मौके पर मौजूद ढाबा सुपरवाइजर लईक हसन ने लिखित रूप से बताया कि इन गैस सिलेंडरों के संबंध में कोई वैध कनेक्शन या अभिलेख उपलब्ध नहीं है और गैस विभिन्न एजेंसियों से प्राप्त की जाती है।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सभी सिलेंडरों को मौके पर ही जब्त कर लिया गया और उन्हें शमीम इंडेन ग्रामीण वितरक, आंगा (रामपुर) को सुरक्षित अभिरक्षा में सौंप दिया गया। निर्देश दिया गया है कि आवश्यकता पड़ने पर सक्षम प्राधिकारी के समक्ष इन्हें प्रस्तुत किया जाएगा।
प्राथमिक जांच में स्पष्ट हुआ कि ढाबा संचालक द्वारा गैस का अवैध भंडारण और दुरुपयोग किया जा रहा था, जो द्रवित पेट्रोलियम गैस (प्रदाय एवं वितरण विनियमन) आदेश-2000 (संशोधित) का उल्लंघन है। यह आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 की धारा 3/7 के तहत दंडनीय अपराध है।
इस मामले में कोयला ढाबा के मालिक (कोयला बाबा) के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा 3/7 के अंतर्गत FIR दर्ज कर ली गई है।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि गैस की कालाबाजारी और अवैध भंडारण के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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