USS Tripoli ईरान की ओर बढ़ा, होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने की तैयारी तेज

नई दिल्ली: ईरान युद्ध के 21वें दिन अमेरिका ने होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने के लिए अपनी रणनीति तेज कर दी है। इसी कड़ी में 50,000 टन वजनी युद्धपोत USS Tripoli तेजी से ईरान की ओर बढ़ रहा है, जो अगले कुछ दिनों में युद्ध क्षेत्र के करीब पहुंच सकता है।

यह एम्फीबियस असॉल्ट शिप (जल-थल युद्धपोत) अंतरराष्ट्रीय तेल परिवहन के लिए होर्मुज जलडमरूमध्य में आवाजाही बहाल करने में अहम भूमिका निभा सकता है। इस पर 31वीं मरीन एक्सपीडिशनरी यूनिट (MEU) के 2000 से अधिक मरीन सैनिक तैनात हैं, जो जरूरत पड़ने पर दुश्मन की जमीन पर उतरने में सक्षम हैं।

USS Tripoli पर अत्याधुनिक F-35 लड़ाकू विमान, MV-22 Osprey और MH-60S Seahawk हेलीकॉप्टर तैनात हैं। करीब 844 फीट लंबे इस जहाज में लैंडिंग शिप डेक की सुविधा भी है, जिससे सीधे तट पर सैनिकों की तैनाती की जा सकती है।

फिलहाल यह युद्धपोत श्रीलंका के दक्षिण में हिंद महासागर में मौजूद है और ओमान की खाड़ी में तैनात USS Abraham Lincoln कैरियर स्ट्राइक ग्रुप को मजबूत करने के लिए आगे बढ़ रहा है। इसके 22-23 मार्च तक युद्ध क्षेत्र में पहुंचने की संभावना जताई जा रही है।

वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि फिलहाल ईरान में सैनिक भेजने की कोई योजना नहीं है। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि बदलते हालात में अमेरिका बिना पूर्व घोषणा के भी कोई बड़ा कदम उठा सकता है।

गौरतलब है कि होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे संवेदनशील समुद्री मार्गों में से एक है, जो अपने सबसे संकरे हिस्से में मात्र 33 किलोमीटर चौड़ा है। इस क्षेत्र में तनाव के कारण वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति पर असर पड़ रहा है और कीमतों में भी बढ़ोतरी देखी जा रही है।

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