दुर्गियाना मंदिर में चैत्र नवरात्रों की शुरुआत, माता शैलपुत्री के दर्शन को उमड़ी भारी भीड़

अमृतसर के प्रसिद्ध दुर्गियाना तीर्थ मंदिर में चैत्र नवरात्रों की शुरुआत के साथ ही भक्तिमय माहौल देखने को मिला। पहले नवरात्र के दिन सुबह से ही मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी, जहां भक्तों ने माता शैलपुत्री के दर्शन कर अपनी मनोकामनाएं मांगीं। पूरे परिसर में “जय माता दी” के जयकारों से वातावरण गूंज उठा।

इस अवसर पर मंदिर के पुजारी ने बताया कि चैत्र नवरात्र केवल देवी उपासना का पर्व नहीं है, बल्कि यह हिंदू नववर्ष के आगमन का भी प्रतीक है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार इसी दिन सृष्टि की रचना हुई थी, इसलिए इस दिन का विशेष महत्व है।

नवरात्र के पहले दिन श्रद्धालुओं ने विधि-विधान के साथ कलश स्थापना की और घरों में जौ (खेतरी) बोए। मंदिर में अखंड ज्योत प्रज्वलित की गई, जो पूरे नौ दिनों तक जलती रहेगी। श्रद्धालु व्रत रखकर माता रानी की पूजा-अर्चना कर रहे हैं।

पुजारी ने बताया कि व्रत तीन प्रकार के होते हैं—निर्जल, फलाहार और अल्पाहार। श्रद्धालु अपनी श्रद्धा और क्षमता के अनुसार व्रत रखते हैं। कई लोग पूरे दिन निराहार रहते हैं, जबकि कुछ फलाहार या एक समय भोजन कर व्रत का पालन करते हैं।

नवरात्र के नौ दिनों तक मंदिर में विशेष पूजा, भजन-कीर्तन और आरती का आयोजन किया जाएगा। वहीं दुर्गा अष्टमी के दिन विशेष कार्यक्रम होंगे, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु माता रानी का आशीर्वाद लेने पहुंचेंगे।

नवरात्रों की शुरुआत के साथ ही दुर्गियाना मंदिर का वातावरण पूरी तरह भक्तिमय रंग में रंग गया है और श्रद्धालु पूरे उत्साह के साथ इस पावन पर्व को मना रहे हैं।

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