गाजियाबाद मॉडल से सीख ले हरियाणा सरकार, गुरुग्राम की बदहाली पर उठे सवाल

गुस्ताखी माफ हरियाणा – पवन कुमार बंसल

हरियाणा के मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव Rajesh Khullar और मुख्य सचिव Anurag Rastogi को Ghaziabad का दौरा कर यह अध्ययन करना चाहिए कि युवा आईएएस अधिकारी Vikramaditya Singh Malik ने किस तरह एक समय गंदगी और बदहाल व्यवस्था के लिए बदनाम शहर को वैश्विक स्तर पर नवाचार का उदाहरण बना दिया। आज गाजियाबाद प्रतिष्ठित Bloomberg Mayors Challenge में दुनिया के शीर्ष 24 शहरों में शामिल हो चुका है।

कुछ वर्ष पहले तक गाजियाबाद की स्थिति Gurugram से भी बदतर मानी जाती थी। लेकिन पिछले दो से तीन वर्षों में इस शहर में उल्लेखनीय बदलाव देखने को मिला है। यह परिवर्तन नगर निगम आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक के निरंतर प्रयास, समर्पण, ईमानदारी और साहसिक प्रशासनिक निर्णयों के कारण संभव हुआ है, जिससे शहर की छवि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहतर हुई है।

Bloomberg Philanthropies ने दुनिया के 20 देशों के 24 शहरों को एक-एक मिलियन डॉलर की अनुदान राशि और तकनीकी सहयोग देने का निर्णय लिया है, ताकि वे नागरिक सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए नवाचारों को लागू कर सकें। इसी योजना के तहत गाजियाबाद नगर निगम को भी एक मिलियन डॉलर का अनुदान मिलेगा। इस राशि से गोबर से सफेद रूफटॉप पेंट बनाने की अभिनव परियोजना को लागू किया जाएगा, जो घरों को ठंडा रखने, कार्बन उत्सर्जन कम करने और महिलाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा करने में मदद करेगी।

पवन कुमार बंसल ने सवाल उठाया कि जब गाजियाबाद जैसे शहर ने सीमित संसाधनों के बावजूद इतना बड़ा बदलाव कर लिया, तो बेहतर आर्थिक संसाधनों वाले गुरुग्राम में ऐसा मॉडल क्यों नहीं अपनाया जा सकता।

इस संबंध में सिंचाई विभाग के पूर्व मुख्य अभियंता और Bhakra Beas Management Board के पूर्व सदस्य Balbir Singh ने राजेश खुल्लर और अनुराग रस्तोगी को पत्र लिखकर गाजियाबाद मॉडल का अध्ययन करने और इसे हरियाणा, विशेषकर गुरुग्राम और Faridabad में लागू करने की मांग की है।

बताया गया कि गुरुग्राम में स्वच्छता व्यवस्था के लिए Gurugram Metropolitan Development Authority, Haryana Shahari Vikas Pradhikaran और Municipal Corporation Gurugram जैसे संस्थानों में एक दर्जन से अधिक आईएएस और एचसीएस अधिकारी तैनात हैं। इसके अलावा स्थानीय निकायों के सलाहकार के रूप में D. S. Dhesi भी कार्यरत हैं।

बताया जाता है कि राजेश खुल्लर ने स्वयं गुरुग्राम में सफाई व्यवस्था की निगरानी के लिए एक सप्ताह तक दौरा किया, लेकिन इसके बावजूद अपेक्षित परिणाम सामने नहीं आ सके।

गौरतलब है कि विक्रमादित्य सिंह मलिक, हरियाणा कैडर के सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी Yudhvir Singh Malik के पुत्र हैं, जिन्हें प्रशासनिक सेवा में उनके योगदान के लिए सम्मानित माना जाता है।

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