लखीसराय(सरफराज आलम)राज्य में सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के उद्देश्य से बिहार सरकार ने वर्ष 2030 तक दुर्घटनाओं की संख्या को आधा करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसी लक्ष्य के तहत राज्य के सभी 40 पुलिस जिलों में बेहतर यातायात प्रबंधन के लिए विशेष मानक लागू किए गए हैं।हर वर्ष औसतन 11 हजार से अधिक सड़क दुर्घटनाओं और लगभग 9 से 9.5 हजार मौतों के चिंताजनक आंकड़ों को देखते हुए इन मानकों के आधार पर जिलों का मूल्यांकन किया गया। वर्ष 2025 के लिए जारी ट्रैफिक प्रदर्शन रिपोर्ट में लखीसराय जिला राज्य के टॉप-5 सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले जिलों में शामिल हुआ है।इस सूची में पूर्णिया, सारण, कटिहार और शेखपुरा के साथ लखीसराय का नाम आना जिले के प्रभावी यातायात प्रबंधन का प्रमाण माना जा रहा है।जिलों का मूल्यांकन सड़क दुर्घटना में मृत्यु दर में कमी, प्रभावी प्रवर्तन, यातायात बल की उपलब्धता, प्रशिक्षण, चोक प्वाइंट समाधान, वैज्ञानिक अनुसंधान, डाटा अपलोडिंग और जन-जागरूकता सहित कुल 10 मानकों के आधार पर किया गया। इन सभी मानकों में बेहतर प्रदर्शन करते हुए लखीसराय ने उल्लेखनीय अंक प्राप्त किए।जिले की यह उपलब्धि लखीसराय जिला प्रशासन के समन्वित प्रयासों का परिणाम है। डीएम मिथिलेश मिश्र के नेतृत्व में जिला परिवहन पदाधिकारी मुकुल मणि पंकज और मोटरयान निरीक्षक प्रतीक लगातार सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं। विभिन्न जागरूकता अभियानों के माध्यम से आम लोगों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक किया गया है।डीएम मिथिलेश मिश्र के निर्देश पर जिले में लगातार चलाए गए जागरूकता अभियानों का सकारात्मक परिणाम अब साफ दिखाई देने लगा है। इन अभियानों के तहत डीटीओ मुकुल मणि पंकज की कड़ी मेहनत और अलग-अलग तरीकों से चलाए गए जागरूकता कार्यक्रमों का लाभ जिले को मिला है।इसका सकारात्मक प्रभाव यह रहा कि जिले में बड़ी संख्या में लोग अब हेलमेट का उपयोग करने लगे हैं, जिससे सड़क दुर्घटनाओं में कमी दर्ज की गई है। प्रशासन के सख्त प्रवर्तन, जागरूकता अभियान और नियमित निगरानी के कारण लखीसराय अब सड़क सुरक्षा के क्षेत्र में राज्य के अग्रणी जिलों में अपनी पहचान बना रहा है।
