क्या रेबीज होने पर इंसान कुत्ते की तरह भौंकने लगता है? डॉक्टर ने बताया सच

नई दिल्ली। अक्सर लोगों के बीच यह धारणा सुनने को मिलती है कि अगर किसी व्यक्ति को Rabies हो जाए तो वह कुत्तों की तरह भौंकने लगता है या कुत्ते जैसा व्यवहार करने लगता है। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि यह पूरी तरह से एक मिथक है।

ग्रेटर नोएडा स्थित NIIMS Medical College and Hospital के चिकित्सा विभाग में सहायक प्रोफेसर Dr. Sumol Ratna के अनुसार रेबीज एक गंभीर और जानलेवा बीमारी है, लेकिन इसमें इंसान वास्तव में कुत्ते की तरह भौंकने नहीं लगता।

क्या है रेबीज

रेबीज एक खतरनाक वायरल बीमारी है, जो Rabies virus के कारण होती है। यह आमतौर पर संक्रमित जानवर के काटने या खरोंचने से फैलती है। अधिकतर मामलों में यह संक्रमण कुत्ते के काटने से होता है, लेकिन बंदर, बिल्ली, चमगादड़ और लोमड़ी जैसे जानवर भी इसे फैला सकते हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार जब यह वायरस शरीर में प्रवेश करता है तो नसों के जरिए दिमाग तक पहुंचकर सूजन पैदा करता है, जिससे मरीज के व्यवहार और मानसिक स्थिति पर असर पड़ता है।

क्या मरीज कुत्ते जैसा व्यवहार करने लगता है?

डॉ. सुमोल रत्ना के अनुसार यह गलत धारणा है कि रेबीज में इंसान कुत्ते की तरह भौंकने लगता है। हालांकि दिमाग पर असर होने के कारण मरीज में घबराहट, बेचैनी, गुस्सा या अजीब व्यवहार जैसे बदलाव देखे जा सकते हैं, जिसे लोग अक्सर गलत तरीके से “कुत्ते जैसा व्यवहार” समझ लेते हैं।

रेबीज के शुरुआती लक्षण

रेबीज के लक्षण तुरंत दिखाई नहीं देते। कई बार 10 दिन से लेकर 2–3 महीने बाद तक लक्षण सामने आते हैं। शुरुआती लक्षण सामान्य बुखार जैसे होते हैं—

हल्का बुखार

सिरदर्द

कमजोरी

उल्टी या जी मिचलाना

काटे गए स्थान पर जलन या झनझनाहट

गंभीर लक्षण

जब वायरस दिमाग तक पहुंच जाता है तो स्थिति गंभीर हो सकती है। इसके प्रमुख लक्षण हैं—

पानी से डर लगना (हाइड्रोफोबिया)

हवा से डर लगना

अत्यधिक उत्तेजना या गुस्सा

भ्रम और मतिभ्रम

लकवा

कोमा और मृत्यु

कुत्ते के काटने पर तुरंत क्या करें

विशेषज्ञों के अनुसार कुत्ते के काटने को कभी हल्के में नहीं लेना चाहिए। ऐसे में तुरंत ये कदम उठाने चाहिए—

घाव को 10–15 मिनट तक साबुन और बहते पानी से धोएं

एंटीसेप्टिक लगाएं

तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें

समय पर एंटी-रेबीज वैक्सीन लगवाएं

बचाव ही सबसे बड़ा इलाज

डॉक्टरों का कहना है कि यदि लक्षण शुरू हो जाएं तो रेबीज का इलाज लगभग असंभव हो जाता है। लेकिन काटने के तुरंत बाद वैक्सीन लगवाने से इस बीमारी को रोका जा सकता है।

विशेषज्ञों के अनुसार जागरूकता, समय पर इलाज और पालतू जानवरों का टीकाकरण ही रेबीज से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका है।

 

Disclaimer: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है. इस तरह की किसी भी जानकारी पर अमल करने से पहले डॉक्टर या किसी विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें

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