योगी कैबिनेट का बड़ा फैसला: सरकारी कर्मचारियों की आचरण नियमावली में बदलाव, संपत्ति का वार्षिक ब्योरा देना होगा
लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई उत्तर प्रदेश कैबिनेट बैठक में सरकारी कर्मचारियों के लिए 1956 से लागू आचरण नियमावली में महत्वपूर्ण संशोधन किए गए हैं। सरकार का उद्देश्य प्रशासनिक व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही को मजबूत करना है। इन बदलावों का असर प्रदेश के लाखों सरकारी कर्मचारियों की वित्तीय गतिविधियों और संपत्ति के विवरण पर पड़ेगा। साथ ही कैबिनेट ने प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 और कांशीराम आवास योजना को लेकर भी अहम फैसले लिए हैं।
शेयर बाजार और म्यूचुअल फंड निवेश की देनी होगी जानकारी
सरकार ने आचरण नियमावली के नियम-21 में संशोधन करते हुए कहा है कि यदि कोई सरकारी कर्मचारी एक कैलेंडर वर्ष में अपने छह महीने के मूल वेतन से अधिक राशि शेयर बाजार, स्टॉक या म्यूचुअल फंड जैसे निवेश साधनों में लगाता है, तो उसे इसकी लिखित जानकारी अपने विभाग के सक्षम प्राधिकारी को देनी होगी। इससे बड़े निवेश को छिपाना अब आसान नहीं रहेगा।
चल संपत्ति खरीदने के नियम भी बदले
आचरण नियमावली के नियम-24 में भी बदलाव किया गया है। अब यदि कोई कर्मचारी दो महीने के मूल वेतन से अधिक कीमत की चल संपत्ति जैसे कार, महंगे इलेक्ट्रॉनिक सामान या आभूषण खरीदता है, तो उसे इसकी सूचना विभाग को देनी होगी। पहले यह सीमा एक महीने के वेतन के बराबर थी।
अचल संपत्ति का हर साल देना होगा विवरण
सरकार ने अचल संपत्ति के मामले में भी बड़ा बदलाव किया है। पहले कर्मचारियों को हर पांच साल में एक बार अपनी जमीन, मकान या फ्लैट का विवरण देना होता था, लेकिन अब इसे प्रतिवर्ष अनिवार्य कर दिया गया है। यानी अब कर्मचारियों को हर साल अपनी संपत्तियों का ब्योरा सरकार को देना होगा।
प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 को मंजूरी
कैबिनेट ने प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी 2.0 की नई नीति को भी मंजूरी दी है। इसके तहत आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) और निम्न आय वर्ग (LIG) के लोगों को घर बनाने के लिए कुल 2.50 लाख रुपये की सहायता दी जाएगी। इसमें 1.50 लाख रुपये केंद्र सरकार और 1 लाख रुपये राज्य सरकार की ओर से दिए जाएंगे।
डेवलपर्स को मिलेगी छूट
सरकार ने निजी डेवलपर्स को योजना से जोड़ने के लिए भू-उपयोग परिवर्तन शुल्क, मानचित्र स्वीकृति शुल्क और बाहरी विकास शुल्क में छूट देने का फैसला किया है। इसके अलावा शहरों में काम करने वाले मजदूरों और प्रवासी श्रमिकों के लिए किफायती किराया आवास मॉडल को भी मंजूरी दी गई है।
कांशीराम आवास योजना में अवैध कब्जों पर कार्रवाई
कैबिनेट ने कांशीराम आवास योजना के तहत बने मकानों पर हो रहे अवैध कब्जों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने बताया कि जिन मकानों पर अवैध कब्जे पाए जाएंगे, उन्हें तुरंत खाली कराया जाएगा। इसके बाद उन मकानों की मरम्मत और रंगाई-पुताई कराकर पात्र दलित परिवारों को दोबारा आवंटित किया जाएगा।
