मिर्जापुर: बिरोही गांव में चकबंदी न होने से विकास कार्य ठप, मंडलीय अस्पताल की मर्चरी में शव को चूहों के खाने के मामले की जांच शुरू
- रिपोर्ट: मंजय वर्मा
मिर्जापुर: जिले के छानबे क्षेत्र के बिरोही गांव में चकबंदी न होने के कारण विकास कार्य बाधित हो गए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि चकबंदी के अभाव में न तो गांव में रास्तों का निर्माण हो पा रहा है और न ही अन्य जरूरी विकास कार्य पूरे हो पा रहे हैं। किसानों और ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि जनहित को ध्यान में रखते हुए बिरोही गांव में जल्द से जल्द चकबंदी की प्रक्रिया शुरू कराई जाए, ताकि विकास कार्यों को गति मिल सके।
इधर मिर्जापुर के मंडलीय चिकित्सालय की मर्चरी में रखे शव को चूहों द्वारा कुतरने के मामले ने भी गंभीर रूप ले लिया है। शासन ने इस पूरे प्रकरण का संज्ञान लेते हुए जांच के आदेश दिए हैं। जांच टीम मंडलीय अस्पताल पहुंचकर मामले की पड़ताल कर रही है और संबंधित लोगों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं।
जांच के दौरान टीम को कई तरह की अनियमितताएं भी सामने आई हैं। बताया जा रहा है कि मर्चरी में रखे शवों को सुरक्षित रखने के लिए बर्फ मंगाकर रखा गया था। जांच टीम ने पूरी प्रक्रिया की वीडियो रिकॉर्डिंग भी करवाई है।
पीड़ित परिवार ने अस्पताल की इमरजेंसी में तैनात डॉक्टरों पर मारपीट करने का आरोप लगाया है। वहीं जांच के दौरान यह भी सामने आया है कि चूहों द्वारा केवल एक नहीं बल्कि दो शवों को नुकसान पहुंचाने का मामला सामने आया है।
जांच टीम ने मामले से जुड़े सभी लोगों के अलग-अलग लिखित बयान लिए हैं। फिलहाल पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच जारी है और रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
