बूढ़े मां-बाप को अनमोल तोहफा
गुस्ताखी माफ – पवन कुमार बंसल
जींद के एक रिटायर्ड प्रोफेसर को अपनी शादी की 50वीं वर्षगांठ पर ऐसा अनमोल तोहफा मिला, जिसने इस खास मौके को और भी यादगार बना दिया। उनके बेटे ने अमेरिका की लाखों डॉलर की नौकरी छोड़कर अपने बुजुर्ग माता-पिता की सेवा के लिए भारत लौटने का फैसला किया है।
जींद के सरकारी कॉलेज से सेवानिवृत्त प्रोफेसर ओ.पी. मित्तल की शनिवार को शादी की 50वीं वर्षगांठ मनाई गई। उनकी पत्नी दर्शना मित्तल भी सेवानिवृत्त शिक्षिका हैं। इस अवसर पर परिवार के सभी सदस्य मौजूद थे। समारोह में ओ.पी. मित्तल के छोटे भाई यश मित्तल भी अपनी पत्नी के साथ अमेरिका से विशेष रूप से पहुंचे।
इस मौके पर उनका बेटा सोनू मित्तल भी मौजूद था, जो पिछले 10 वर्षों से अमेरिका की अक्रोन यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर के पद पर कार्यरत था। अपने माता-पिता की बढ़ती उम्र को देखते हुए सोनू ने अमेरिका की नौकरी छोड़ने का निर्णय लिया और भारत लौट आया। अब उन्होंने देहरादून की ग्राफिक यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर के रूप में कार्यभार संभाल लिया है।
सोनू मित्तल का कहना है कि अब वे अपने बुजुर्ग माता-पिता के करीब रहना चाहते हैं। कभी जींद तो कभी देहरादून में रहकर वे उनकी देखभाल करेंगे, लेकिन उन्हें अकेला नहीं छोड़ेंगे।
बुढ़ापे में माता-पिता की सबसे बड़ी इच्छा यही होती है कि उनके बच्चे उनके साथ रहें और उनका सहारा बनें। ऐसे में बेटे का यह फैसला ओ.पी. मित्तल और दर्शना मित्तल के लिए किसी अनमोल उपहार से कम नहीं है।
