मुंबई, मार्च 2026: भारत के सबसे बड़े ट्रांसपोर्ट, यूटिलिटी और इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपर्स में से एक अदाणी ग्रुप को वर्ष 2026 के वर्ल्ड इंजीनियरिंग डे फॉर सस्टेनेबल डेवलपमेंट का आधिकारिक पार्टनर नामित किया गया है। यह अंतरराष्ट्रीय दिवस यूनेस्को द्वारा घोषित किया गया है और इसका आयोजन वर्ल्ड फेडरेशन ऑफ इंजीनियरिंग ऑर्गेनाइजेशन (WFEO) द्वारा किया जाता है।
अदाणी ग्रुप को यह सम्मान स्वच्छ ऊर्जा परिवर्तन को तेज़ करने में उसकी अग्रणी भूमिका और बड़े स्तर पर स्वच्छ, भरोसेमंद तथा किफायती बिजली उपलब्ध कराने की क्षमता को मान्यता देते हुए दिया गया है। यह पहल भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के साथ-साथ वैश्विक सस्टेनेबल डेवलपमेंट गोल 7 की दिशा में भी महत्वपूर्ण योगदान मानी जा रही है।
इस उपलब्धि पर प्रतिक्रिया देते हुए अदाणी ग्रीन एनर्जी के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर सागर अदाणी ने कहा कि समूह यह दिखा रहा है कि स्वच्छ ऊर्जा बड़े पैमाने पर भी संभव है और किफायती होने के साथ मजबूत तथा समावेशी भी हो सकती है। उन्होंने कहा कि यह दुनिया के लिए भारत का एक मॉडल है, जहां विकास और सस्टेनेबिलिटी साथ-साथ आगे बढ़ते हैं। उन्होंने बताया कि खावड़ा रिन्यूएबल एनर्जी प्लांट भारत की क्लाइमेट एक्शन का प्रतीक है और यह अदाणी ग्रीन एनर्जी, अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस तथा अदाणी न्यू इंडस्ट्रीज की संयुक्त क्षमता को दर्शाता है।
वर्ल्ड इंजीनियरिंग डे 2026 की थीम “इनोवेशन और डिजिटलीकरण के माध्यम से सतत भविष्य के लिए स्मार्ट इंजीनियरिंग” रखी गई है। अदाणी ग्रुप द्वारा रिन्यूएबल एनर्जी, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और बड़े पैमाने के ट्रांसपोर्ट व यूटिलिटी सिस्टम में किए गए कार्य इस थीम को प्रतिबिंबित करते हैं और यह दिखाते हैं कि तकनीक आधारित इंजीनियरिंग वास्तविक परिस्थितियों में सतत विकास को कैसे आगे बढ़ा सकती है।
इस सहयोग के केंद्र में गुजरात के कच्छ में विकसित हो रहा खावड़ा रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट है, जिसे दुनिया का सबसे बड़ा नवीकरणीय ऊर्जा प्रोजेक्ट माना जा रहा है। वर्ष 2029 तक इसकी नियोजित क्षमता 30 गीगावॉट तक पहुंचने की योजना है। वर्ल्ड फेडरेशन ऑफ इंजीनियरिंग ऑर्गेनाइजेशंस ने इसे भारत के हरित ऊर्जा परिवर्तन का प्रमुख उदाहरण बताया है और वर्ल्ड इंजीनियरिंग डे 2026 कार्यक्रम के तहत इस पर एक लघु फिल्म भी प्रदर्शित की गई है।
खावड़ा रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट की विशेषताएं:
गुजरात के कच्छ जिले में 538 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में विकसित हो रहा यह प्रोजेक्ट पेरिस शहर से लगभग पांच गुना बड़ा और मुंबई शहर के बराबर क्षेत्र में फैला है। अदाणी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड अब तक यहां 7 गीगावॉट से अधिक नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता चालू कर चुकी है और वर्ष 2029 तक 30 गीगावॉट क्षमता का लक्ष्य रखा गया है।
यह संयंत्र अत्याधुनिक तकनीकों से लैस होगा, जिसमें भारत का सबसे बड़ा 5.2 मेगावॉट क्षमता वाला ऑनशोर पवन टरबाइन, बाइफेशियल सोलर पीवी मॉड्यूल और हॉरिजोंटल सिंगल-एक्सिस ट्रैकर सिस्टम शामिल हैं। संयंत्र के संचालन और निगरानी के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग आधारित आधुनिक एनर्जी नेटवर्क ऑपरेशन सेंटर (ENOC) प्लेटफॉर्म का उपयोग किया जाएगा। इसके अलावा सोलर मॉड्यूल की सफाई के लिए पानी रहित रोबोटिक तकनीक भी तैनात की गई है।
अनुमान के अनुसार यह परियोजना हर साल लगभग 15,200 से अधिक हरित रोजगार सृजित करेगी, 63.6 मिलियन टन कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन में कमी लाएगी और करीब 87.4 अरब यूनिट स्वच्छ बिजली का उत्पादन करेगी। इससे लगभग 17.4 मिलियन घरों को बिजली उपलब्ध कराई जा सकेगी।
अदाणी ग्रुप आसपास के गांवों में शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण, जल संरक्षण और सामुदायिक अवसंरचना को मजबूत करने जैसे कार्यों के माध्यम से सामाजिक विकास पर भी विशेष ध्यान दे रहा है।
विशेषज्ञों के अनुसार भारत सतत ऊर्जा के भविष्य को लेकर वैश्विक स्तर पर नई दिशा दे रहा है और अदाणी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड तथा अदाणी पोर्टफोलियो की अन्य इकाइयाँ ऊर्जा परिवर्तन को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
