ऐलनाबाद, मार्च (एम पी भार्गव)। हरियाणा सरकार द्वारा श्रम विभाग के माध्यम से पंजीकृत निर्माण श्रमिकों की सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करने के उद्देश्य से महत्वपूर्ण पेंशन योजना चलाई जा रही है। इस योजना के तहत पंजीकृत निर्माण श्रमिकों को 60 वर्ष की आयु पूरी होने के बाद प्रतिमाह 1000 रुपये की पेंशन प्रदान की जाती है। सरकार की यह पहल उन श्रमिकों के लिए राहत भरी साबित हो रही है, जो जीवन भर मेहनत करने के बाद बुढ़ापे में आर्थिक सुरक्षा चाहते हैं।
इस योजना का लाभ केवल उन्हीं श्रमिकों को मिलेगा, जो हरियाणा श्रम विभाग के अंतर्गत पंजीकृत निर्माण कामगार हैं। योजना के अनुसार श्रमिक को कम से कम तीन वर्ष तक नियमित रूप से बोर्ड का सदस्य रहना अनिवार्य है और यह सदस्यता 60 वर्ष की आयु पूर्ण होने से पहले की होनी चाहिए। इसके अलावा श्रमिक के पहचान पत्र में पंजीकरण शुल्क तथा अंशदान की अदायगी का रिकॉर्ड दर्ज होना भी आवश्यक है।
पंजीकरण के समय श्रमिक को अपनी आयु प्रमाणित करने के लिए आवश्यक दस्तावेजों की प्रति भी जमा करवानी होती है। इस योजना का उद्देश्य निर्माण क्षेत्र में काम करने वाले श्रमिकों को बुढ़ापे में आर्थिक सहारा देना है। लंबे समय तक मेहनत करने वाले श्रमिकों के लिए यह पेंशन उनके जीवन-यापन में मददगार साबित होती है और उन्हें अपने खर्चों को पूरा करने में सहायता मिलती है।
गौरतलब है कि यह पेंशन सामाजिक न्याय एवं सशक्तिकरण विभाग द्वारा दी जाने वाली वृद्धावस्था पेंशन के अतिरिक्त दी जाती है। यानी पात्र श्रमिकों को राज्य सरकार की अन्य पेंशन योजनाओं के साथ-साथ इस योजना का लाभ भी मिल सकता है। हरियाणा सरकार की इस योजना से राज्य के हजारों निर्माण श्रमिकों को आर्थिक सुरक्षा मिल रही है और उनके जीवन स्तर में सुधार हो रहा है।
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