11 हजार वोल्ट की लाइन से झुलसी शिवानी को मिला सहारा, अजय कुमार द्विवेदी ने दिए 50 हजार रुपये और रोजगार का आश्वासन

घर की छत, जो बच्चों के लिए सबसे सुरक्षित खेल का मैदान मानी जाती है, वही मिलक तहसील के ग्राम कमोरा की शिवानी के लिए जिंदगी भर का दर्द बन गई। 11 केवी की हाईटेंशन लाइन की चपेट में आकर झुलसी इस बेटी के जख्मों पर अब प्रशासन ने मरहम लगाने की कोशिश की है। जिलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी ने न केवल पीड़ित परिवार को 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता सौंपी, बल्कि शिवानी के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए उसे गांव में ही रोजगार दिलाने की भी संवेदनशील पहल की है।

दर्द लेकर डीएम के पास पहुंचा था पिता, सुनी गई पुकार

मामला मिलक तहसील के ग्राम कमोरा का है। बीते 2 जनवरी 2026 को जनता दर्शन में शिवानी के पिता निर्मल सिंह अपनी लाचारी और बेटी का दर्द लेकर जिलाधिकारी के पास पहुंचे थे। उन्होंने बताया था कि कैसे हंसती-खेलती शिवानी नौ वर्ष पहले छत पर खेलते वक्त 11 हजार वोल्ट के करंट की चपेट में आ गई थी। उस हादसे ने न सिर्फ बेटी को शारीरिक रूप से तोड़ा, बल्कि परिवार को भी आर्थिक संकट में डाल दिया।

बिजली विभाग ने जुटाई मदद, डीएम ने सौंपा चेक

पिता की पीड़ा को समझते हुए डीएम अजय कुमार द्विवेदी ने मामले को गंभीरता से लिया। उन्होंने तत्काल विद्युत विभाग के अधीक्षण अभियंता सत्येन्द्र चौहान को तलब कर सहायता के निर्देश दिए। इसी क्रम में कलेक्ट्रेट सभागार में डीएम ने शिवानी को बिजली विभाग द्वारा संकलित 50,000 रुपये का चेक सौंपा। यह राशि भले ही शिवानी के शारीरिक कष्ट को कम न कर सके, लेकिन इलाज और जरूरी खर्चों के लिए एक बड़ा सहारा जरूर बनेगी।

रोजगार देकर भविष्य संवारने की पहल

हादसे के बाद शिवानी के भविष्य को लेकर भी प्रशासन ने गंभीरता दिखाई। परिवार की कमजोर आर्थिक स्थिति को देखते हुए जिलाधिकारी ने जिला पंचायतराज अधिकारी को निर्देश दिए हैं कि शिवानी को उसकी ग्राम पंचायत में ही दैनिक कार्यों के आधार पर रोजगार उपलब्ध कराया जाए। प्रशासन की इस पहल से पीड़ित परिवार को आर्थिक सहारा मिलने के साथ-साथ भविष्य की नई उम्मीद भी जगी है।

प्रशासन की इस मानवीय पहल से यह संदेश गया है कि जरूरतमंदों की मदद के लिए सरकार और प्रशासन संवेदनशीलता के साथ खड़े हैं।

 

khabre junction

About The Author

Leave A Reply

Your email address will not be published.