हवाई महल मत बनाओ असली महल जमीन पर बनता हैं

  • गुस्ताख़ी माफ़ हरियाणा – पवन कुमार बंसल

“हमारी जागरूक पाठक, हरियाणा की एसीएस एवं जानी-मानी शायरा डॉ. सुमिता मिश्रा के सौजन्य से—
‘हवाई महल मत बनाओ, असली महल ज़मीन पर बनता है—पसीने से, लगन से, हार न मानने वाली कोशिश से। तुम्हारा महल तैयार होने वाला है।”

 

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