लखनऊ।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश का युवा नौकरी मांगने वाला नहीं, बल्कि नौकरी देने वाला बने। इसी उद्देश्य को साकार करने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार युवाओं को स्वरोजगार और उद्यमिता से जोड़ने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। इसी क्रम में 20 जनवरी 2026 को प्रदेश के 25 जनपदों में एक साथ सीएम युवा हेल्पडेस्क (CM Yuva Helpdesk) का सफल आयोजन किया गया।
यह कार्यक्रम जिला उद्योग प्रोत्साहन एवं उद्यमिता विकास केंद्र (DIEPC) द्वारा आयोजित किया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य युवाओं को मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना, सीएम-युवा (CM-YUVA), वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ODOP), विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना सहित अन्य योजनाओं से जोड़ना रहा। इन योजनाओं के माध्यम से युवाओं को अपना छोटा या मध्यम उद्योग एवं सेवा इकाई शुरू करने के लिए आसान ऋण, सब्सिडी और तकनीकी मार्गदर्शन प्रदान किया जाता है।
कार्यक्रम की प्रमुख बातें
20 जनवरी 2026 को 25 जिलों में एक साथ आयोजित इस एक दिवसीय हेल्पडेस्क में युवाओं की भारी भागीदारी देखने को मिली। विभिन्न जिलों से प्राप्त रिपोर्ट्स के अनुसार कुल 1072 आवेदन प्राप्त हुए, जो स्वरोजगार, ऋण, प्रशिक्षण और सब्सिडी से संबंधित थे।
सीएम युवा योजना के अंतर्गत 21 से 40 वर्ष (कुछ मामलों में 18 वर्ष से) आयु के शिक्षित एवं कुशल युवाओं को 5 लाख रुपये तक का ब्याज-मुक्त और बिना गारंटी ऋण दिया जाता है। इसके साथ ही परियोजना लागत पर 10 प्रतिशत मार्जिन मनी अनुदान की सुविधा भी प्रदान की जाती है। सरकार का लक्ष्य है कि हर वर्ष एक लाख युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ा जाए और अगले 10 वर्षों में 10 लाख युवाओं को आत्मनिर्भर बनाया जाए।
ODOP योजना के तहत जिले के विशेष उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए प्रशिक्षण और वित्त पोषण की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम सहित अन्य योजनाओं के माध्यम से छोटे उद्योगों को सहयोग दिया जा रहा है।
एक ही जगह मिली सभी सुविधाएं
हेल्पडेस्क के माध्यम से युवाओं को एक ही स्थान पर योजनाओं की जानकारी, आवेदन पत्र भरने में सहायता, दस्तावेजों की जांच और आवेदन जमा करने की सुविधा मिली। इससे पहले युवाओं को विभिन्न कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते थे, लेकिन अब सिंगल विंडो व्यवस्था से प्रक्रिया सरल और सुगम हो गई है।
युवाओं में दिखी उद्यमिता की रुचि
प्राप्त आवेदनों से स्पष्ट है कि प्रदेश के युवा उद्यमिता को लेकर उत्साहित हैं। केक निर्माण, हैंडिक्राफ्ट, फूड प्रोसेसिंग जैसे छोटे व्यवसायों में युवाओं की विशेष रुचि सामने आई है। यह पहल आत्मनिर्भर भारत की संकल्पना को साकार करने और उत्तर प्रदेश को एक मजबूत औद्योगिक हब बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
सरकार ने संकेत दिया है कि ऐसे कार्यक्रम भविष्य में भी जारी रहेंगे, ताकि अधिक से अधिक युवा योजनाओं का लाभ लेकर स्वरोजगार की ओर अग्रसर हो सकें।
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