जब देवीलाल ने डॉ किरपा राम पुनिया को कहा, “ बावले पहले क्यों नहीं बताया कि जलसा नहीं बेटे की शादी है 😒

गुस्ताखी माफ़ हरियाणा – पवन कुमार बंसल

याद कीजिए आईएएस से मंत्री बने कृपा राम पुनिया को।
जब देवीलाल ने डॉ. कृपा राम पुनिया से कहा था—
“बस पंद्रह सौ आदमी? एक लाख तो मेरे अंडेमान के जलसे में आते हैं।”

उनतालीस साल पहले मुख्यमंत्री बनने के बाद देवीलाल ने विपक्षी दलों की एकता के प्रयास शुरू किए, ताकि राजीव गांधी सरकार का तख्ता पलटा जा सके। वे हरियाणा में ध्यान देने की बजाय पूरे देश में घूमते रहते थे। उन्हीं दिनों चंडीगढ़ में उनके बेटे की शादी थी और उनकी कोठी में रिसेप्शन रखा गया था।

कृपा राम पुनिया ने आईएएस से इस्तीफा देकर देवीलाल की पार्टी जॉइन की, चुनाव जीता और मंत्री बने। रिसेप्शन में देवीलाल को आना था, लेकिन वे नहीं पहुंचे। इस पर पुनिया ने फोन किया। देवीलाल ने पूछा—
“अरे पुनिया, कितने आदमी हैं?”
पुनिया ने जवाब दिया— “एक हजार।”

थोड़ी देर बाद दोबारा फोन आया। देवीलाल का वही सवाल और पुनिया का जवाब— “बारह सौ।”
देवीलाल ने गुस्से में फोन पटक दिया। बेचारे पुनिया परेशान हो गए। हिम्मत करके फिर फोन किया तो देवीलाल ने फिर वही सवाल पूछा। इस बार पुनिया ने कहा— “पंद्रह सौ।”

यह सुनकर देवीलाल गुस्से में बोले—
“अरे पुनिया, तुझे मैं राष्ट्रीय नेता बनाना चाहता हूं और कुल पंद्रह सौ आदमी? एक लाख लोग तो मेरे अंडेमान के जलसे में आते हैं।”

पुनिया ने जवाब दिया— “जलसा नहीं, शादी है।”
देवीलाल बोले— “अरे बावले, पहले क्यों नहीं बताया?”
इसके बाद देवीलाल रिसेप्शन में पहुंचे।

दुमछला:
लेखक उन दिनों चंडीगढ़ में जनसत्ता का रिपोर्टर था और शादी में शामिल था।

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