“एक लाजवाब बात जो कही पेड़ ने: रोज गिरते हैं पत्ते मेरे, फिर भी बदलते नहीं रिश्ते हवाओं से मेरे”

गुस्ताखी माफ़ हरियाणा – पवन कुमार बंसल

हरियाणा की एसीएस होम और शायरा डॉ. सुमिता मिश्रा के सौजन्य—“एक लाजवाब बात जो कही पेड़ ने:रोज़ गिरते हैं पत्ते मेरे,
फिर भी बदलते नहीं रिश्ते हवाओं से मेरे।”आजकल तो लोग चढ़ते सूरज को सलाम करते हैं,
और पत्ते गिरते ही रिश्ते बदल लेते हैं।

 

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