जब वाजपेयी ने मारुति शोरूम के मालिक जगमोहन मित्तल को कहा क्या रोहतक के लोग चूना ही लगाते है

गुस्ताखी माफ़ हरियाणा – पवन कुमार बंसल

रोहतक (हरियाणा)। देश के पूर्व प्रधानमंत्री और प्रखर वक्ता अटल बिहारी वाजपेयी अपने ओजस्वी भाषणों के साथ-साथ सहजता, हास्य और आत्मीय व्यवहार के लिए भी जाने जाते थे। ऐसी ही एक यादगार घटना रोहतक की है, जब वाजपेयी ने अपने अंदाज़ में सबका दिल जीत लिया।

यह प्रसंग उस समय का है जब अटल बिहारी वाजपेयी अपने एक कार्यकर्ता की शादी में रोहतक आए थे। उस दौर में वाजपेयी अपेक्षाकृत युवा थे और दूल्हे के खास लोगों में गिने जाते थे, इसलिए उनकी आवभगत की विशेष तैयारी की गई थी। रोहतक स्थित मारुति शोरूम के मालिक जगमोहन मित्तल को यह भली-भांति ज्ञात था कि वाजपेयी को बनारसी पान बेहद पसंद है। इसी कारण उन्होंने विशेष रूप से बनारस से पान का पत्ता मंगवाया और चांदी की तश्तरी में सजा कर आदरपूर्वक वाजपेयी को पेश किया।

पान देखते ही वाजपेयी मुस्कुराए और मित्तल से चुटकी लेते हुए बोले—“क्या रोहतक के लोग चूना ही लगाते हैं?” इस पर मित्तल साहिब ने विनम्रता से जवाब दिया, “पत्ता आपके लिए बनारस से मंगाया है।” वाजपेयी ने तुरंत उसी हास्यभाव में कहा—“तो फिर रोहतक के लोग क्या चूना ही लगाते हैं?” उनकी यह बात सुनकर वहां मौजूद लोग ठहाके लगाने लगे और माहौल खिल उठा।

यह छोटी-सी घटना अटल बिहारी वाजपेयी के व्यक्तित्व को बखूबी दर्शाती है—जहां सादगी, अपनापन और तीखा लेकिन शालीन हास्य एक साथ दिखाई देता है। आज भी रोहतक में यह किस्सा लोगों की जुबान पर है और वाजपेयी जी की स्मृतियों को जीवंत बनाए हुए है।

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