उत्तर भारत में घनी धुंध और स्मॉग का कहर, विज़िबिलिटी लगभग शून्य

  • रिपोर्ट: ललित शर्मा

उत्तर भारत के कई राज्यों में इन दिनों घनी धुंध और बढ़ते वायु प्रदूषण ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। ठंड के साथ स्मॉग की मोटी परत छा जाने से विज़िबिलिटी लगभग शून्य हो गई है, जिससे सड़क, रेल और हवाई यातायात पर व्यापक असर पड़ रहा है। भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि यह स्थिति कम से कम 21 दिसंबर तक बनी रह सकती है।

इस संबंध में शहरवासी इंजीनियर पवन शर्मा ने बताया कि घनी धुंध और स्मॉग के कारण नेशनल हाईवे, स्टेट हाईवे और शहरी सड़कों पर वाहन चलाना बेहद जोखिम भरा हो गया है। उन्होंने कहा कि विज़िबिलिटी कम होने से सड़क हादसों की आशंका कई गुना बढ़ जाती है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी भी संसद में यह मुद्दा उठा चुके हैं कि सर्दियों के मौसम में सड़क दुर्घटनाओं में मौतों की संख्या तेजी से बढ़ जाती है।

इंजीनियर पवन शर्मा ने बताया कि भारत के पास लगभग 6.4 मिलियन किलोमीटर का विशाल रोड नेटवर्क है, जो अमेरिका के बाद दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा सड़क नेटवर्क है। ऐसे में जब धुंध और स्मॉग का असर होता है, तो दुर्घटनाओं का खतरा और अधिक बढ़ जाता है। आंकड़ों के अनुसार देश में प्रतिदिन सैकड़ों लोगों की मौत सड़क हादसों में हो रही है, जिसमें सर्दियों के दौरान उल्लेखनीय वृद्धि देखी जाती है।

आईएमडी की चेतावनी को देखते हुए यात्रियों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। वाहन चलाने से पहले लो बीम लाइट, वाइपर, ब्रेक, इंडिकेटर और वाहन की साफ-सफाई की जांच करने को कहा गया है। अनावश्यक यात्रा से बचने, गति सीमित रखने और आगे चल रहे वाहन से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की अपील की गई है।

उन्होंने यह भी कहा कि इस समय केवल आम नागरिकों की ही नहीं, बल्कि संबंधित विभागों और संस्थाओं की भी बड़ी जिम्मेदारी बनती है। सड़कों पर स्ट्रीट लाइटें दुरुस्त हों, रिफ्लेक्टर और स्पष्ट रोड मार्किंग हो, साइन बोर्ड और रेडियम सामग्री सही ढंग से लगी हो। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया, पीडब्ल्यूडी और अन्य इंफ्रास्ट्रक्चर विभागों को विशेष सतर्कता बरतने की आवश्यकता है।

इस बीच योगिंदर पाल ढींगरा ने बताया कि घनी धुंध के बावजूद सुबह के समय कई लोग कंपनी बाग में मॉर्निंग वॉक और एक्सरसाइज के लिए पहुंच रहे हैं। उन्होंने कहा कि युवाओं के लिए यह मौसम सामान्य है, लेकिन हार्ट और ब्लड प्रेशर की समस्या से जूझ रहे वरिष्ठ नागरिकों को डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही बाहर निकलना चाहिए। साथ ही उन्होंने वाहन चालकों से अपील की कि जीवन अमूल्य है, इसलिए धुंध में वाहन बेहद धीमी गति और पूरी जिम्मेदारी के साथ चलाएं, ताकि किसी भी अनहोनी से बचा जा सके।

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