हरियाणा (ऐलनाबाद), 17 दिसंबर (डॉ. एम. पी. भार्गव)। विशेषकर पश्चिमी हरियाणा से जुड़ी वर्षों से लंबित रेलवे परियोजनाओं को लेकर बुधवार को संसद के पटल पर सिरसा की सांसद, पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं अखिल भारतीय कांग्रेस की महासचिव कुमारी सैलजा ने केंद्र सरकार को कठघरे में खड़ा किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश की कई महत्वपूर्ण रेल परियोजनाएं वर्षों से केवल घोषणाओं और फाइलों तक सीमित हैं, जिससे संतुलित विकास बाधित हो रहा है और जनता में निराशा बढ़ती जा रही है।
सांसद कुमारी सैलजा ने सिरसा–फतेहाबाद–अग्रोहा रेलवे लाइन परियोजना का विशेष उल्लेख करते हुए बताया कि करीब 410 करोड़ रुपये की राशि घोषित होने के बावजूद न तो अब तक इसका समुचित सर्वेक्षण पूरा हो पाया है और न ही निर्माण कार्य शुरू किया गया है। उन्होंने कहा कि यह स्थिति न केवल अग्रवाल समाज के पवित्र तीर्थ स्थल अग्रोहा धाम की उपेक्षा को दर्शाती है, बल्कि पश्चिमी हरियाणा के विकास के साथ भी अन्याय है।
अपने वक्तव्य में कुमारी सैलजा ने यमुनानगर–रायपुर रानी–अंबाला रेल परियोजना को भी सरकार की उदासीनता का उदाहरण बताया और कहा कि इसके पूरा होने से औद्योगिक विकास के साथ-साथ पर्यटन को भी नई गति मिल सकती है। उन्होंने विश्व प्रसिद्ध तीर्थ स्थल कुरुक्षेत्र में रेल सुविधाओं के विस्तार की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
इसके अतिरिक्त सांसद ने सिरसा–भादरा नई रेल लाइन को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि यह परियोजना हरियाणा और राजस्थान को जोड़ने के साथ-साथ उत्तर भारत को जयपुर और मुंबई से जोड़ने वाला एक रणनीतिक रेल कॉरिडोर बन सकती है। उन्होंने इस परियोजना को राष्ट्रीय महत्व की घोषित करने की मांग भी उठाई।
कुमारी सैलजा ने यह भी कहा कि वह इन मुद्दों को लेकर पूर्व में कई बार रेल मंत्री को पत्र लिख चुकी हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि घोषणाओं से आगे बढ़ते हुए इन सभी परियोजनाओं को शीघ्र धरातल पर उतारा जाए।
सांसद ने रोहतक–महम–हांसी नई रेलवे लाइन का मुद्दा भी संसद में उठाया। उन्होंने बताया कि वर्ष 2013 में इस लाइन का निर्माण कार्य शुरू हुआ था और अब यह पूरी तरह तैयार है, लेकिन इसके बावजूद इस मार्ग पर नियमित यात्री रेल सेवाएं शुरू नहीं की गई हैं। उन्होंने मांग की कि इस मार्ग पर तत्काल यात्री ट्रेनें चलाई जाएं और बठिंडा–हिसार–हांसी–रोहतक होते हुए वंदे भारत एक्सप्रेस शुरू की जाए। इससे सिरसा से दिल्ली की यात्रा में लगभग एक घंटे की बचत होगी और पूरे पश्चिमी हरियाणा को सीधा लाभ मिलेगा।
अंत में कुमारी सैलजा ने कहा कि हरियाणा की जनता वर्षों से इन परियोजनाओं की प्रतीक्षा कर रही है। अब समय आ गया है कि सरकार केवल वादे न करे, बल्कि काम करके दिखाए, ताकि प्रदेश के विकास को नई दिशा मिल सके।
